BNT Desk: बिहार की सियासत में इन दिनों एक वायरल वीडियो ने हड़कंप मचा रखा है। केंद्रीय मंत्री और ‘हम’ (HAM) पार्टी के मुखिया जीतनराम मांझी पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने चुनाव नतीजों में हेराफेरी की बात कुबूल की है। हालांकि, मांझी ने इस वीडियो को ‘फेक’ और छेड़छाड़ किया हुआ बताया है। अब इस विवाद में प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ भी कूद गई है। जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने मांझी को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि अगर वीडियो गलत है, तो वे असली वीडियो सबके सामने क्यों नहीं लाते?
आरजेडी के आरोपों से शुरू हुआ पूरा बवाल
दरअसल, यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब आरजेडी (RJD) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा किया। आरजेडी का दावा है कि इस वीडियो में जीतनराम मांझी एक मंच से भाषण दे रहे हैं और बता रहे हैं कि कैसे 2020 के चुनाव में हारने के बावजूद एक आईएएस अधिकारी की मदद से उन्होंने जीत हासिल की थी। इस वीडियो के सामने आते ही बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया और विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
जीतनराम मांझी ने वीडियो को बताया ‘एडिटेड’
बढ़ते विवाद को देखते हुए केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने विरोधियों पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया। मांझी के इस बयान के बाद लगा था कि मामला शांत हो जाएगा, लेकिन जन सुराज पार्टी के नेता मनोज भारती ने इस पर नया मोड़ दे दिया है।
जन सुराज की चुनौती: ‘विरोधियों के मुंह पर मारें तमाचा’
मनोज भारती ने मांझी को घेरते हुए कहा, “अगर आप कह रहे हैं कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ हुई है, तो आप खुद सरकार में हैं। तुरंत इसकी जांच क्यों नहीं करवाते? आप असली और बिना छेड़छाड़ वाला वीडियो जारी कर दीजिए ताकि जनता का भ्रम दूर हो जाए और विरोधियों के मुंह पर तमाचा पड़े।” भारती ने तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ ‘फेक’ कहने से काम नहीं चलेगा, सबूत पेश करना जरूरी है ताकि सच सामने आ सके।