BNT Desk: पटना की सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर जमे अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर राजधानी में आज से अतिक्रमण हटाओ स्पेशल ड्राइव की दोबारा शुरुआत हो गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। अतिक्रमण, ट्रैफिक जाम और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सीधे कार्रवाई होगी।
9 विशेष टीमें मैदान में
इस अभियान के लिए प्रशासन और पुलिस की कुल 9 विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो पूरे जनवरी महीने अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करेंगी। जिला प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अभियान के दौरान जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी। कार्रवाई में बाधा डालने वालों और दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी।
जुर्माना और जब्ती का प्रावधान
अतिक्रमण करने वालों पर आर्थिक और कानूनी दोनों तरह की सख्ती होगी। अस्थायी अतिक्रमण पर 5,000 रुपये तक और स्थायी अतिक्रमण पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही अतिक्रमण में इस्तेमाल किया गया सामान भी जब्त किया जाएगा।
अस्पताल क्षेत्रों पर विशेष नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों के आसपास किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और एम्स जैसे बड़े अस्पतालों के इर्द-गिर्द सख्ती इसलिए बढ़ाई गई है ताकि मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही निर्बाध बनी रहे।
मल्टी-एजेंसी अभियान और निगरानी
यह ड्राइव मल्टी-एजेंसी मोड में चलेगी, जिसमें जिला प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, स्वास्थ्य, अग्निशमन, बिजली और पुलिस विभाग शामिल हैं। एसडीओ और एसडीपीओ को अभियान की कमान सौंपी गई है। पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल रोजाना समीक्षा करेगी। यह स्पेशल ड्राइव 31 जनवरी तक चलेगी, जिसका मकसद बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था और आम लोगों को जाम से राहत दिलाना है।