लालू परिवार को फिर मिली अस्थायी राहत, 19 दिसंबर को अगली सुनवाई

लैंड फॉर जॉब मामले में लालू परिवार को एक बार फिर अस्थायी राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने की सुनवाई टाल दी है। सीबीआई से सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है। अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी।

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BNT Desk: लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को फिलहाल एक बार फिर अस्थायी राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में इस केस की सुनवाई फिर टाल दी गई है। अब मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। अदालत में सीबीआई की एफआईआर के आधार पर आरोप तय करने को लेकर सुनवाई होनी थी, लेकिन कुछ कारणों से इसे आगे बढ़ा दिया गया।

सीबीआई से मांगी गई सत्यापन रिपोर्ट

सोमवार की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि इस मामले का एक आरोपी अब जीवित नहीं है। इसके बाद विशेष जज विशाल गोगने ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह संबंधित आरोपी की मृत्यु का सत्यापन करे। साथ ही, कोर्ट ने अन्य सभी आरोपियों के संबंध में भी वेरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। इससे पहले 8 दिसंबर को भी कोर्ट को जानकारी दी गई थी कि कुछ आरोपी अब जीवित नहीं हैं, जिसके बाद स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई थी।

आरोप तय करने का फैसला पहले भी टल चुका

यह पहली बार नहीं है जब आरोप तय करने का फैसला टला हो। इससे पहले 4 दिसंबर और 10 नवंबर को भी किसी न किसी वजह से अदालत फैसला नहीं कर सकी थी। कोर्ट ने 25 अगस्त को आरोप तय करने के मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रखा था, लेकिन अब तक निर्णय नहीं हो पाया है।

हाईकोर्ट में लंबित है याचिका

इस बीच लालू प्रसाद यादव ने सीबीआई की एफआईआर को रद्द करने और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। वहीं, राबड़ी देवी ने भी जज विशाल गोगने की अदालत से मामला किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की है, जो फिलहाल लंबित है।

कितने आरोपी, क्या है सीबीआई का पक्ष

सीबीआई के अनुसार, इस केस में कुल 78 आरोपी हैं, जिनमें 38 रेलवे कर्मचारी भी शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि लालू यादव पक्ष जानबूझकर ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने पर बहस नहीं कर रहा है। सीबीआई ने इस मामले में पहली चार्जशीट अक्टूबर 2022 में और अंतिम चार्जशीट जून 2024 में दाखिल की थी।

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