BNT Desk: पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। मौत के पीछे छिपे सच को सामने लाने और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आज जहानाबाद की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने रतनी प्रखंड के पतियावां से लेकर जहानाबाद जिला मुख्यालय तक एक विशाल पदयात्रा निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के चेहरे पर दुख और प्रशासन के खिलाफ साफ नाराजगी दिखी।
बेटियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह पदयात्रा केवल एक छात्रा की मौत का मामला नहीं, बल्कि बिहार में हॉस्टलों में रह रही हजारों बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा बन गई है। पदयात्रा में शामिल लोगों का कहना है कि एक होनहार छात्रा का इस तरह संदिग्ध हालात में चले जाना कई सवाल खड़े करता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच नहीं होती, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे।
दोषियों को सजा दिलाने की मांग
सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा, “आज हम अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे हैं ताकि कल किसी और परिवार को यह दिन न देखना पड़े।” पदयात्रा में शामिल भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि हॉस्टल प्रबंधन और प्रशासन इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि जहानाबाद की रहने वाली एक छात्रा पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। कुछ दिनों पहले उसकी लाश संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुई थी। परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि साजिश है। इस घटना के बाद से ही पूरे जिले में आक्रोश का माहौल है। आज की पदयात्रा इसी गुस्से का परिणाम थी, जिसमें स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सामाजिक कार्यकर्ता का बयान
मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता निरंजन केसव उर्फ प्रिंस ने कहा, “यह पदयात्रा केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि सिस्टम को जगाने की एक कोशिश है। हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच की आंच उन सफेदपोशों तक भी पहुंचे जो इसे दबाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक हमारा आंदोलन और तेज होगा।”