BNT Desk: बिहार की राजनीति में आए इस अचानक बदलाव ने न केवल सत्ता के गलियारों में, बल्कि सड़कों पर भी भारी हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने की खबर फैलते ही जेडीयू (JDU) कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।
कार्यकर्ताओं का भारी विरोध और प्रदर्शन
गुरुवार को जैसे ही यह साफ हुआ कि नीतीश कुमार बिहार की सक्रिय राजनीति छोड़कर दिल्ली (राज्यसभा) जा रहे हैं, जेडीयू कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। पटना में जेडीयू कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जमा हो गए और जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि “नीतीश कुमार बिहार की पहचान हैं और हम उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे।”
नेताओं के खिलाफ फूटा गुस्सा
प्रदर्शन इतना उग्र था कि कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के कुछ बड़े नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ललन सिंह और संजय झा जैसे नेताओं के खिलाफ जमकर नारे लगे। उत्तेजित भीड़ ने जेडीयू ऑफिस में तोड़फोड़ भी की। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि जो भी मंत्री या विधायक वहां पहुंच रहे थे, कार्यकर्ताओं ने उन्हें वापस भेज दिया और उनकी गाड़ियों के साथ धक्का-मुक्की की गई।
भावुक हुए समर्थक
विरोध प्रदर्शन के दौरान सिर्फ गुस्सा ही नहीं, बल्कि दुख भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री आवास (CM House) के बाहर कई कार्यकर्ता फूट-फूटकर रोते नजर आए। समर्थकों का भावुक होकर कहना था कि वे नीतीश कुमार के बिना बिहार की कल्पना नहीं कर सकते और इसके लिए वे अपनी जान तक देने को तैयार हैं।