BNT, Desk: झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के बेटे की शादी के मौके पर दिल्ली में आयोजित रिसेप्शन कार्यक्रम राजनीतिक हलकों में खास चर्चा का विषय बना रहा। इस समारोह में अलग-अलग दलों और राज्यों के कई बड़े नेता एक मंच पर नजर आए। यही वजह है कि यह कार्यक्रम सिर्फ पारिवारिक नहीं, बल्कि एक अहम राजनीतिक मेल-मिलाप का अवसर भी बन गया।
इसी रिसेप्शन में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और झारखंड के कांग्रेस नेता व स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की मुलाकात हुई। इस मुलाकात को लेकर इरफान अंसारी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें और एक लंबा पोस्ट साझा किया है। पोस्ट में उन्होंने बिहार में हो रहे बुलडोजर एक्शन को लेकर सम्राट चौधरी को खुली नसीहत दी।
इरफान अंसारी ने लिखा कि उन्होंने सम्राट चौधरी से साफ शब्दों में कहा— “बुलडोजर की भाषा नहीं, भाईचारे और संवाद की भाषा अपनाइए।” उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति की सबसे बड़ी जिम्मेदारी समाज को जोड़ना है, न कि तोड़ना।
गौरतलब है कि हाल ही में सम्राट चौधरी को बिहार का गृह विभाग भी सौंपा गया है। इसके बाद राज्य के कई इलाकों से बुलडोजर एक्शन की खबरें सामने आई हैं। इन्हीं मामलों को लेकर बिहार में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बहस तेज है। ऐसे समय में इरफान अंसारी का यह बयान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
अपने पोस्ट में इरफान अंसारी ने यह भी बताया कि राज्यपाल संतोष गंगवार उनके लिए अभिभावक समान हैं। उन्होंने सम्राट चौधरी के साथ पारिवारिक रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के पिता साथ काम कर चुके हैं और दोनों परिवारों के बीच पुराने संबंध रहे हैं।
इरफान अंसारी ने उत्तर प्रदेश मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि “उत्तर प्रदेश की नकल बिहार में नहीं चलेगी।” उनका कहना था कि बिहार की जनता समाज को बांटने वाली राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
तस्वीरों में सम्राट चौधरी और इरफान अंसारी के बीच गर्मजोशी साफ दिखाई दी। दोनों नेता हाथ मिलाते हुए मुस्कुराते नजर आए। इससे यह संदेश भी गया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संवाद और आपसी रिश्तों की अहमियत बनी रहती है।