होली पर घर जाना हुआ आसान, रेलवे ने शुरू कीं 10 और स्पेशल ट्रेनें; यूपी-बिहार के यात्रियों को मिलेगी राहत

होली पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 10 नई स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। लालकुआं-कोलकाता, सोगरिया-दानापुर और सहरसा-पूर्णिया जैसे रूटों पर ये ट्रेनें मार्च के अंत तक चलेंगी। इससे यूपी और बिहार जाने वाले यात्रियों को वेटिंग लिस्ट और कंफर्म टिकट की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

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BNT Desk: होली के त्योहार पर घर जाने वालों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी राहत दी है। ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ और कंफर्म टिकट की किल्लत को देखते हुए रेलवे ने 10 और नई होली स्पेशल ट्रेनों के संचालन का ऐलान किया है। ये ट्रेनें मुख्य रूप से यूपी और बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए वरदान साबित होंगी।

लालकुआं से कोलकाता के बीच साप्ताहिक स्पेशल

उत्तराखंड से बिहार और बंगाल जाने वाले यात्रियों के लिए गाड़ी संख्या 05060/05059 (लालकुआं-कोलकाता स्पेशल) चलाई जाएगी।

  1. यह ट्रेन 5 से 26 मार्च तक हर गुरुवार को दोपहर 1:35 बजे लालकुआं से चलेगी।
  2. यह गोरखपुर, सीवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और बरौनी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।
  3. वापसी में यह 7 से 28 मार्च तक हर शनिवार सुबह कोलकाता से रवाना होगी।

बिहार और राजस्थान के बीच विशेष कनेक्टिविटी

राजस्थान में रहने वाले बिहार के लोगों के लिए सोगरिया-दानापुर स्पेशल (09803/09804) का संचालन किया जा रहा है। सोगरिया से यह ट्रेन 1 मार्च को रात 11:10 बजे खुलेगी, जबकि दानापुर से इसकी वापसी 3 मार्च को होगी। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सहरसा और पूर्णिया कोर्ट के बीच (05506/05505) विशेष ट्रेन 6 से 15 मार्च के बीच सप्ताह में चार दिन चलेगी।

डानकुनी-पटना और अन्य रूटों पर नजर

पश्चिम बंगाल और बिहार के बीच यात्रा सुलभ बनाने के लिए डानकुनी-पटना स्पेशल (03035/03036) चलाने का फैसला लिया गया है। यह ट्रेन 27 फरवरी और 4 मार्च को चलेगी। साथ ही, गोमतीनगर से मालतीपाटपुर के लिए भी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र के अनुसार, इन ट्रेनों का उद्देश्य वेटिंग लिस्ट को कम करना और यात्रियों को सुरक्षित सफर देना है।

प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव और सुविधा

रेलवे ने सुनिश्चित किया है कि ये ट्रेनें थावे, मधेपुरा, बनमंखी और किउल जैसे छोटे स्टेशनों पर भी रुकें, ताकि ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी सीधा लाभ मिले। इन स्पेशल ट्रेनों के चलने से अब यात्रियों को तत्काल कोटा या लंबी प्रतीक्षा सूची (Waiting List) पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

 

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