BNT Desk: बिहार के गया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक और सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया है। विजिलेंस की टीम ने गया के अतरी प्रखंड में तैनात भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के फील्ड ऑफिसर रविरंजन कुमार को 75,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब आरोपी बैंक कर्मी एक किसान के बेटे से लोन की फाइल आगे बढ़ाने के बदले पैसों की मांग कर रहा था।
क्या है पूरा मामला? 7.5 लाख के लोन पर था ‘कमीशन’ का खेल
पूरा मामला अतरी प्रखंड के छतनी गांव से जुड़ा है। यहाँ के निवासी रामचंद्र महतो के बेटे ने अपना स्वरोजगार या भविष्य संवारने के लिए बैंक में करीब साढ़े सात लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था। लोन की प्रक्रिया के दौरान फील्ड ऑफिसर रविरंजन कुमार ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि फील्ड ऑफिसर ने लोन को स्वीकृत (Sanction) करने और फाइल को क्लियर करने के बदले पीड़ित परिवार से 75 हजार रुपये की मांग की। यानी कुल लोन राशि का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा रिश्वत के तौर पर मांगा गया।
पीड़ित ने दिखाई हिम्मत: निगरानी विभाग तक पहुंची शिकायत
लोन के नाम पर रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर रामचंद्र महतो और उनके परिवार ने हार नहीं मानी। उन्होंने भ्रष्ट अधिकारी के सामने झुकने के बजाय पटना स्थित विजिलेंस विभाग (निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
निगरानी विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुप्त तरीके से जांच शुरू की। जब जांच में यह स्पष्ट हो गया कि फील्ड ऑफिसर वाकई रिश्वत की मांग कर रहा है, तो विभाग ने उसे रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया और ‘जाल’ बिछाया।
विजिलेंस का बिछाया जाल: संभलने का मौका भी नहीं मिला
तय योजना के अनुसार, पीड़ित को रिश्वत की रकम लेकर बैंक अधिकारी के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी फील्ड ऑफिसर रविरंजन कुमार ने 75 हजार रुपये की नकदी अपने हाथों में ली, आसपास सादे लिबास में तैनात विजिलेंस की टीम ने उसे दबोच लिया।
कार्रवाई इतनी बिजली की रफ्तार से हुई कि आरोपी अधिकारी को भागने या पैसे छिपाने का जरा भी मौका नहीं मिला। मौके पर ही केमिकल टेस्ट और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए रिश्वत की पुष्टि की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
बैंक और इलाके में हड़कंप: प्रबंधन की चुप्पी
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद बैंक परिसर और स्थानीय इलाके में हड़कंप मच गया है। बैंक के अन्य कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने विजिलेंस की इस कार्रवाई की सराहना की है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश बताया है।
दूसरी ओर, इस बड़ी कार्रवाई पर फिलहाल SBI बैंक प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक सफाई या बयान सामने नहीं आया है। बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया या स्थानीय सूत्रों से मिली है और विभागीय तौर पर सूचना मिलने के बाद ही कोई टिप्पणी की जाएगी।
आगे की कार्रवाई: विजिलेंस की पूछताछ जारी
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीम आरोपी अधिकारी रविरंजन कुमार को अपने साथ लेकर पटना रवाना हो गई है। यहाँ उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस भ्रष्टाचार के खेल में बैंक के कुछ अन्य कर्मचारी या बिचौलिए भी शामिल थे।
निगरानी विभाग का संदेश
संबंधित अधिकारियों ने कहा है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। यदि कोई भी सरकारी सेवक या सार्वजनिक क्षेत्र का कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो आम लोग बेझिझक निगरानी विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
आम जनता के लिए सबक
गया की यह घटना उन तमाम लोगों के लिए एक उदाहरण है जो भ्रष्टाचार से पीड़ित हैं। रामचंद्र महतो के बेटे की सजगता ने न केवल एक भ्रष्ट अधिकारी को सलाखों के पीछे पहुंचाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अगर जनता ठान ले, तो सिस्टम से गंदगी साफ की जा सकती है। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।