BNT Desk: पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा आधी रात को सरकारी बंगला खाली किए जाने की घटना ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल लगातार इस कार्रवाई को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं और इसे राजनीतिक दबाव से जोड़कर देख रहे हैं। इसी बीच इस पूरे मामले पर राबड़ी देवी के बड़े बेटे और आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव का बयान सामने आया है, जिसने सियासी चर्चा को और तेज कर दिया है।
तेज प्रताप यादव ने किया सरकार के फैसले का समर्थन
तेज प्रताप यादव ने बंगला खाली कराने को लेकर सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि यह सरकारी बंगला है और नियम के अनुसार इसे छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।परिवार के पास अपना निजी मकान है और वे वहीं शिफ्ट होंगे।उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर धमकी मिलने का दावा
इस दौरान तेज प्रताप यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता भी जाहिर की। उन्होंने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी मिली थी। इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने इस मामले में संबंधित थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है, ताकि धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
देवघर घटना को लेकर सोरेन सरकार पर निशाना
इसके अलावा तेज प्रताप यादव ने झारखंड के देवघर में हाल ही में हुई घटना को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और राज्य सरकार हालात संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। तेज प्रताप ने कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक कमजोरी को उजागर करती हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
राबड़ी देवी के बंगला खाली करने से लेकर तेज प्रताप यादव के बयानों तक, पूरा मामला अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।