BNT Desk: बिहार के दानापुर स्थित रेलवे स्कूल में पिछले 5 दिनों से लंगूरों की एक पूरी सेना ने आतंक मचा रखा है। करीब 20 से 30 लंगूरों का झुंड अचानक स्कूल परिसर में घुस आता है और बच्चों पर हमला कर देता है। इस दहशत की वजह से बच्चे क्लास जाने से डर रहे हैं और शिक्षक लाठी के साये में ड्यूटी करने को मजबूर हैं।
मैदान में उतरे गुरुजी, लंगूरों से बचा रहे बच्चों की जान
स्कूल के मैदान में जब हाथ में डंडा लिए शिक्षक नजर आए, तो लगा शायद कोई अनुशासन का मामला है। लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली। ये शिक्षक अपने छात्रों को डांटने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें खूंखार बंदरों और लंगूरों से बचाने के लिए पहरा दे रहे हैं। जैसे ही बच्चे स्कूल आते हैं, लंगूर उन पर झपट्टा मार देते हैं। कई छात्र-छात्राएं इन हमलों में घायल भी हो चुके हैं। हालात इतने खराब हैं कि अब शिक्षकों को ग्रुप बनाकर स्कूल के गेट और मैदान की निगरानी करनी पड़ रही है।
प्रिंसिपल और शिक्षकों का छलका दर्द
स्कूल के प्रिंसिपल ज्ञानेश्वर प्रसाद ने बताया कि यह मुसीबत पिछले 5 दिनों से लगातार जारी है। उन्होंने कहा, “ये लंगूर न केवल बच्चों को डरा रहे हैं बल्कि शिक्षकों पर भी हमला कर रहे हैं। हम लाठी-डंडा लेकर उन्हें भगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे भागने का नाम नहीं ले रहे।” वहीं, सीनियर टीचर उमेश पांडे ने बताया कि सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचते हैं, तभी से लंगूरों का आतंक शुरू हो जाता है। जब शिक्षक बच्चों को बचाने दौड़ते हैं, तो लंगूर उन्हें भी काटने को दौड़ते हैं।
अभिभावकों में बढ़ी चिंता, वन विभाग से मदद की गुहार
इस घटना के बाद से बच्चों के माता-पिता काफी डरे हुए हैं। उन्हें डर है कि कहीं किसी दिन कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए। स्कूल प्रशासन ने अब हार मानकर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से मदद मांगी है। स्कूल की मांग है कि जल्द से जल्द इन लंगूरों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए, ताकि बच्चे बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। फिलहाल, स्कूल में पढ़ाई कम और लंगूरों से लुका-छिपी का खेल ज्यादा चल रहा है।