पटना: डाक बंगला चौराहे पर पुलिस का लाठीचार्ज, कई चौकीदार घायल

पटना के डाक बंगला चौराहे पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे दफादार-चौकीदारों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश के लिए बैरिकेडिंग तोड़ दी थी, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस घटना में प्रभु चौकीदार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे दफादार और चौकीदारों का गुस्सा आज फूट पड़ा। हजारों की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी जब प्रतिबंधित क्षेत्र डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़े, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठियां भांजी।

बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़ने की कोशिश

प्रदर्शनकारी पहले से ही गांधी मैदान और जेपी गोलंबर के आसपास जमा थे। जैसे ही जत्था डाक बंगला चौराहे पर पहुँचा, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगा रखी थी। आक्रोशित चौकीदारों ने पुलिसिया घेरे को चुनौती देते हुए बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ बेकाबू हो गई, तो पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

प्रभु चौकीदार गंभीर रूप से घायल

लाठीचार्ज के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस की लाठियों से कई प्रदर्शनकारी चोटिल हुए हैं। इनमें प्रभु चौकीदार नाम के एक प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें आनन-फानन में पुलिस और साथी प्रदर्शनकारियों की मदद से पास के अस्पताल ले जाया गया है। अन्य घायलों का भी प्राथमिक उपचार कराया जा रहा है।

क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?

दफादार और चौकीदार लंबे समय से अपनी सेवा शर्तों में सुधार और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं:

  1. अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति: मृत या सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजनों को नौकरी देने की प्रक्रिया को सरल बनाना।
  2. वेतनमान में वृद्धि: पुलिस विभाग के अन्य कर्मियों के समान सुविधाएं और सम्मानजनक वेतन।
  3. ड्यूटी के घंटे: काम के बोझ को कम करना और अन्य प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार।

प्रशासनिक रुख और वर्तमान स्थिति

घटना के बाद डाक बंगला चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और यातायात को बहाल करने की कोशिश की जा रही है।

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