BNT Desk: अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने सीधे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधा है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री को ‘कथावाचक’ मानने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने गुस्से में यहाँ तक कह दिया कि आजकल किसी को भी कथावाचक बना दिया जाता है। पप्पू यादव का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर नई बहस छिड़ गई है।
असली संत और ‘ढोंग’ के बीच अंतर
सांसद पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि क्या धीरेंद्र शास्त्री की तुलना ओशो या आचार्य राममूर्ति जैसे महान विचारकों से की जा सकती है? उन्होंने पूज्य प्रेमानंद महाराज का उदाहरण देते हुए कहा कि सम्मान उनके जैसे संतों का होना चाहिए जो सादगी से रहते हैं। यादव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सनातन धर्म के नाम पर केवल ढोंग कर रहे हैं और उनका धर्म से कोई वास्तविक लेना-देना नहीं है। उन्होंने राजस्थान के एक बाबा का जिक्र करते हुए फिजूलखर्ची पर भी तंज कसा।
देश को बुद्ध और आंबेडकर की जरूरत
पप्पू यादव ने कहा कि भारत को आज ‘ढोंगीवाद’ की नहीं, बल्कि कृष्ण, गुरु नानक, बुद्ध और बाबा साहब आंबेडकर के बताए रास्तों पर चलने की जरूरत है। उन्होंने मीडिया और जनता से अपील की कि वे ऐसे लोगों को बढ़ावा न दें जो धर्म के नाम पर भ्रम फैलाते हैं। पप्पू यादव के मुताबिक, देश को एक प्रगतिशील सोच की जरूरत है, न कि अंधविश्वास की। उनके इस बयान ने धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान
आपको बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब हाल ही में बांदा में एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जातिवाद पर कड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर हिंदू जातियों में बंटे रहे, तो भविष्य में कोई सुरक्षित नहीं बचेगा। शास्त्री ने राष्ट्रवाद की वकालत करते हुए हिंदुओं को एकजुट होने की सलाह दी थी। अब पप्पू यादव ने उनके इन्हीं दावों और उनके व्यक्तित्व पर कड़े शब्द बोलकर माहौल को और गरमा दिया है।