BNT Desk: बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज होने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार से समृद्धि यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। इस यात्रा को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे आने वाले राजनीतिक हालात से जोड़कर भी देखा जा रहा है। समृद्धि यात्रा 16 जनवरी को पश्चिमी चंपारण के बेतिया से शुरू होगी और 24 जनवरी को वैशाली में समाप्त होगी।
विकास योजनाओं की होगी समीक्षा
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करेंगे। प्रगति यात्रा के दौरान शुरू की गई योजनाओं की स्थिति देखी जाएगी। साथ ही सात निश्चय-2 की प्रगति और भविष्य की योजनाओं वाले सात निश्चय-3 पर भी विस्तार से चर्चा होगी। सरकार का उद्देश्य यह जानना है कि योजनाएं जमीन पर कितनी सफल हैं।
कार्यक्रम में किया गया बदलाव
मुख्यमंत्री की यात्रा के कार्यक्रम में आंशिक बदलाव किया गया है। पहले 21 जनवरी को सीवान और 22 जनवरी को सारण जाने का कार्यक्रम तय था, लेकिन अब 21 जनवरी को सारण और 22 जनवरी को सीवान का दौरा होगा। इस बदलाव को मंत्रिमंडल सचिवालय की मंजूरी मिल चुकी है।
योजनाओं की जमीनी जांच
इस यात्रा में मुख्यमंत्री केवल सभाओं तक सीमित नहीं रहेंगे। वे नि:शुल्क दवा योजना, बिजली आपूर्ति, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना, ग्रामीण पुल निर्माण, जीविका समूह, पंचायत सरकार भवन, भूमि विवाद, राशन कार्ड, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम और कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे।
बेतिया से होगा आगाज
शुक्रवार सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री पटना से बेतिया के कुमारबाग पहुंचेंगे। वहां नई औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करेंगे। उद्योग विभाग की कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा। इसके बाद रमना मैदान में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक होगी। कुल मिलाकर समृद्धि यात्रा सरकार, प्रशासन और राजनीति—तीनों के लिए एक अहम परीक्षा साबित होने वाली है।