BNT Desk: बिहार के छपरा शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ भीषण ठंड से बचने के लिए कमरे में अलाव जलाकर सोए एक ही परिवार के चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। यह दुखद घटना भगवान बाजार थाना क्षेत्र की अंबिका कॉलोनी में शुक्रवार देर रात हुई।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
जानकारी के अनुसार, कड़ाके की ठंड से बचने के लिए परिवार ने रात में घर के अंदर अंगीठी (अलाव) जलाई थी। कमरे में वेंटिलेशन न होने के कारण अलाव से निकलने वाली ज़हरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस पूरे कमरे में फैल गई। जब सुबह देर तक कोई नहीं जागा, तो पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने उन्हें देखा। उस वक्त सभी बेहोशी की हालत में मिले। आनन-फानन में सबको छपरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में 70 साल की कमलावती देवी और उनके तीन मासूम पोते-पोतियां शामिल हैं।
ज़हरीली गैस बनी जान की दुश्मन
अक्सर लोग ठंड में बंद कमरों में कोयला या लकड़ी जला लेते हैं, जो जानलेवा साबित होता है। डॉक्टरों का कहना है कि जलते कोयले से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है, जिसकी कोई गंध नहीं होती। बंद कमरे में यह गैस ऑक्सीजन खत्म कर देती है, जिससे सोते हुए इंसान को पता भी नहीं चलता और उसकी मौत हो जाती है। ऐसी ही एक घटना हाल ही में गया में भी हुई थी, जहाँ दादी और पोते की जान चली गई थी।
सावधानी ही बचाव है: इन बातों का रखें ध्यान
सर्दियों के इस मौसम में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। कभी भी बंद कमरे में अंगीठी या अलाव न जलाएं। अगर अलाव जलाना बहुत जरूरी हो, तो खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखें ताकि ताजी हवा आती रहे। सोने से पहले अलाव को पूरी तरह बुझा दें। इसके अलावा, आग के पास कभी भी पेट्रोल, मिट्टी का तेल या प्लास्टिक जैसी चीजें न रखें और बच्चों को आग से दूर रखें। आपकी एक छोटी सी सावधानी परिवार को बड़े हादसे से बचा सकती है।