बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारीख को अब 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया है, ताकि अब तक आवेदन न कर पाई महिलाओं को भी इसका लाभ मिल सके। यह योजना राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलायी जा रही है। सरकार का कहना है कि 31 दिसंबर तक हर पात्र महिला को इस योजना का लाभ मिलेगा यदि उन्होंने समय पर आवेदन कर लिया।
शुरुआती आर्थिक सहायता और स्वरोजगार
इस योजना के तहत शुरुआत में महिलाओं को ₹10,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू कर सकें। इस राशि का प्रत्यक्ष लाभ डीबीटी (DBT) के जरिए सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजा जा रहा है। योजना की शुरुआत 26 सितंबर 2025 को हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका शुभारंभ किया था और 75 लाख महिलाओं को ₹10,000 की राशि दी गयी थी।
भविष्य में अतिरिक्त मदद और व्यवसाय प्रगति
सरकार का उद्देश्य है कि रोजगार शुरू करने के बाद महिलाओं को अधिक सहायता की भी सुविधा दी जाए। इसके तहत आगे चलकर रोजगार की प्रगति के आधार पर ₹2,00,000 तक की अतिरिक्त मदद भी किस्तों में दी जा सकती है। इस सहायता के लिए योजना में व्यवसाय की समीक्षा का प्रावधान भी रखा गया है, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को आगे मदद मिल सके।
गलत भुगतान और सुधार प्रक्रिया
अब तक लगभग 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को इस योजना के तहत ₹10,000 की सहायता राशि मिल चुकी है। कई जिलों में लाखों महिलाओं ने इसका लाभ लिया है। हालांकि लगभग 10 लाख महिलाओं के खाते में पैसा अभी तक नहीं पहुंचा है, जिसका मुख्य कारण आधार और बैंक खाते में गड़बड़ियाँ बताई जा रही हैं। इन त्रुटियों को ठीक करने के बाद योजना के तहत राशि भेजी जाएगी। साथ ही जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 400 पुरुषों के खातों में गलती से पैसा ट्रांसफर हो गया, जिस पर रिपोर्ट मांगी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर तक आवेदन करने वाली हर पात्र महिला को सुनिश्चित रूप से सहायता दी जाएगी।