बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने आने वाले दिनों को लेकर अहम अलर्ट जारी किया है। 26 मार्च के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलेगा। इस दौरान तेज हवा, मेघ गर्जन, वज्रपात और छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिलेगी।
26-27 मार्च को इन जिलों में अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार 26 और 27 मार्च के दौरान राज्य के उत्तरी और दक्षिणी दोनों भागों के अधिकांश जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है।
फिलहाल अगले दो दिनों यानी 24 और 25 मार्च को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने के आसार हैं और मौसम सामान्य बना रहेगा। लेकिन 26 मार्च के बाद से स्थिति बदलेगी।
बीते 24 घंटों में तापमान में उछाल
बीते 24 घंटों के दौरान बिहार के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में तीन से छह डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई। फारबिसगंज को छोड़कर पटना सहित शेष सभी जिलों के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखी गई।
कैमूर जिले में सर्वाधिक 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। वहीं अरवल जिले में 26 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा दर्ज की गई।
सोमवार को पटना और आसपास के इलाकों में मौसम शुष्क बना रहा। बादल छाए रहने के बावजूद तापमान सामान्य रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान
| शहर | अधिकतम (°C) | न्यूनतम (°C) |
|---|---|---|
| पटना | 32.0 | 20.0 |
| गयाजी | 32.4 | 17.0 |
| भागलपुर | 29.0 | 17.6 |
| मुजफ्फरपुर | 25.0 | 18.1 |
पटना का अधिकतम तापमान दो डिग्री की वृद्धि के साथ 32.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गर्मी से मिलेगी राहत
26-27 मार्च को बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आने की संभावना है जिससे लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। मार्च के महीने में ही पारा तेजी से चढ़ने लगा था, ऐसे में यह बारिश आम लोगों के लिए सुकून लेकर आएगी।
सावधानी बरतें
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए 26 और 27 मार्च को घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज आंधी और वज्रपात की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। किसान भाइयों से अपील है कि वे अपनी फसल और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखें।