BNT Desk: बिहार विधान परिषद में सोमवार को कार्यवाही शुरू होते ही भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। दरभंगा से जुड़े एक मामले को राजद के एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने उठाया। इसके बाद राजद के सभी सदस्य अपनी सीट से खड़े हो गए और सरकार के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया। विपक्ष ने राज्य में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ रहे अपराध को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।
विपक्ष ने मांगा इस्तीफा
राजद के एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि बिहार में ऐसा कोई जिला नहीं बचा है जहां महिलाओं और बच्चियों के साथ अपराध की घटनाएं न हो रही हों। उन्होंने गृह मंत्री सम्राट चौधरी से भी इस्तीफा देने की मांग की। पटना, खगड़िया, आरा और दरभंगा की घटनाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला करता रहा।
नीतीश कुमार का पलटवार
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज हंगामा कर रहे हैं, उन्होंने बिहार के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के विकास के लिए कई बड़े काम किए हैं और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी दौरान उन्होंने मगही में बोलते हुए राबड़ी देवी को “लड़की” कह दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
राबड़ी और नीतीश के बीच नोकझोंक
सदन में राबड़ी देवी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तीखी बहस हुई। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे। विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते रहे।
कार्यवाही स्थगित
लगातार हंगामे के कारण सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कार्यवाही ढाई बजे तक स्थगित कर दी। हंगामे के बीच बिहार नगर पालिका विधि सेवा नियमावली 2025 और बिहार नगर पालिका योजना सेवा नियमावली 2025 सदन में रखी गई।