बिहार: जमीन के खेल में फंसे पूर्व ADM, जेडीयू सांसद का नाम आने से मचा हड़कंप

भागलपुर के पूर्व एडीएम अजय कुमार सिंह पर सेवानिवृत्ति के बाद 'बैकडेटिंग' के जरिए जमीन म्यूटेशन का आदेश पलटने का आरोप लगा है। इस विवादित जमीन का कनेक्शन जेडीयू सांसद अजय मंडल से भी सामने आया है, जिसके बाद राजस्व विभाग ने पूर्व एडीएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।

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BNT Desk: भागलपुर में जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) में हुए एक बड़े फर्जीवाड़े ने बिहार की सियासत और प्रशासन में खलबली मचा दी है। इस मामले में पूर्व एडीएम अजय कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं, और चौंकाने वाली बात यह है कि इस विवादित जमीन के तार जेडीयू सांसद अजय मंडल से भी जुड़े पाए गए हैं।

क्या है पूरा मामला और क्या हैं आरोप?

यह मामला भागलपुर जिले का है, जहाँ के पूर्व अपर समाहर्ता (ADM) अजय कुमार सिंह पर अपनी सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के बाद ‘बैकडेटिंग’ के जरिए सरकारी आदेश बदलने का आरोप लगा है। दरअसल, कहलगांव के सुनील किशोर प्रसाद ने शिकायत की थी कि भू-माफियाओं ने उनकी पुश्तैनी जमीन का फर्जी कागजात (केवाला) बनवाकर उसे बेच दिया और म्यूटेशन भी करा लिया। जब यह मामला निचली अदालत (DCLR Court) में गया, तो वहां फर्जीवाड़े को देखते हुए म्यूटेशन रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि पूर्व एडीएम अजय कुमार सिंह ने रिटायर होने के बाद पुरानी तारीखों में आदेश जारी कर उस फैसले को ही पलट दिया।

सांसद अजय मंडल का नाम आने से बढ़ी मुश्किलें

इस पूरे खेल में नया मोड़ तब आया जब जांच में पता चला कि इस विवादित जमीन को एक साल पहले जेडीयू सांसद अजय कुमार मंडल ने भी खरीदा था। सांसद का नाम सामने आते ही विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। इसे लेकर अब राजनीति तेज हो गई है और विरोधी दल इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं।

सरकार का एक्शन और विभाग की सख्ती

बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा इन दिनों जमीन विवादों को निपटाने के लिए काफी सख्त नजर आ रहे हैं। हाल ही में भागलपुर में आयोजित ‘जन संवाद’ के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। विभाग ने पूर्व एडीएम अजय कुमार सिंह से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा था, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया। अब राजस्व विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया है।

आम जनता पर क्या होगा असर?

इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि जमीन के मामलों में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री विजय सिन्हा के कड़े रुख से उन लोगों को उम्मीद जगी है जिनकी जमीनें सालों से विवादों में फंसी हैं। फिलहाल, प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि भू-माफियाओं और अधिकारियों के बीच के इस गठजोड़ को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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