BNT Desk: बिहार में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। पांच सीटों के लिए हुई वोटिंग में महागठबंधन के चार विधायक शामिल नहीं हुए। इनमें तीन विधायक कांग्रेस के थे, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
इस मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने NDA पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि “वोट चोरी” और “विधायक तोड़ने” की कोशिश की गई है। राजधानी पटना के सदाकत आश्रम के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया।
नेताओं के बयान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि कुछ विधायक दबाव में आकर मतदान से दूर रहे। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों से बात करने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी लाइन से हटने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
विधायकों की अलग-अलग दलीलें
मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद सिंह ने उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि दलित, अल्पसंख्यक और ओबीसी वर्ग की अनदेखी की गई, इसलिए उन्होंने वोट नहीं दिया। वहीं फारबिसगंज के विधायक मनोज विश्वास ने भी नेतृत्व से नाराजगी जताई।
निजी कारण भी सामने आए
ढाका से राजद विधायक फैसल रहमान ने मतदान में शामिल नहीं होने की वजह पारिवारिक बताई। उन्होंने कहा कि वे अपनी बीमार मां के इलाज के लिए दिल्ली में थे। कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा ने भी उम्मीदवार चयन को लेकर असहमति जताई।
NDA पर गंभीर आरोप
कांग्रेस ने NDA पर हॉर्स ट्रेडिंग और विधायकों को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। वहीं NDA की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बढ़ सकता है राजनीतिक तनाव
राज्यसभा चुनाव के बाद बिहार की राजनीति में तनाव और बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।