BNT Desk: बजट 2026-27 में बताया गया है कि बिहार में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में यह मांग बढ़कर करीब 9600 मेगावाट तक पहुंच सकती है। राज्य में उद्योग, खेती और शहरीकरण बढ़ने के कारण बिजली की खपत में तेजी आई है। सरकार का लक्ष्य है कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन और सप्लाई सिस्टम को और मजबूत किया जाए, ताकि लोगों को बिना कटौती के बिजली मिल सके।
सोलर ऊर्जा पर सरकार का खास फोकस
राज्य सरकार बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए सोलर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत घरों, सरकारी भवनों और अन्य संस्थानों में सोलर सिस्टम लगाने पर जोर दिया जा रहा है। सोलर ऊर्जा से न सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। सरकार आने वाले वर्षों में सोलर पावर उत्पादन को और बढ़ाने की योजना बना रही है।
स्मार्ट मीटर और किसानों को बिजली कनेक्शन
सरकार बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने पर तेजी से काम कर रही है। स्मार्ट मीटर से बिजली खपत की सही जानकारी मिलती है और बिलिंग सिस्टम भी पारदर्शी होता है। इसके साथ ही किसानों को बिजली कनेक्शन देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि खेती में बिजली की समस्या कम हो सके और सिंचाई आसान हो सके।
बिजली कंपनियों का बढ़ा मुनाफा
बजट में यह भी बताया गया है कि राज्य की बिजली कंपनियों का मुनाफा बढ़कर 2004 करोड़ रुपये हो गया है। यह दिखाता है कि बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है और कंपनियों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। इससे भविष्य में बिजली सेवाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
भविष्य की बिजली जरूरतों की तैयारी
सरकार आने वाले समय में बिजली उत्पादन, वितरण और तकनीक सुधार पर काम कर रही है। लक्ष्य है कि बिहार में हर घर, खेत और उद्योग को लगातार और बेहतर बिजली उपलब्ध कराई जा सके।