बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: कुंदन कृष्णन बने डीजी, 22 अधिकारियों को मिला प्रमोशन

बिहार सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव करते हुए 22 IPS अधिकारियों को प्रमोट किया है। 1994 बैच के वरिष्ठ अधिकारी कुंदन कृष्णन अब डीजी (DG) रैंक के अफसर बन गए हैं, वहीं 2012 बैच के 22 अधिकारियों को डीआईजी (DIG) पद पर प्रोन्नति दी गई है। इससे राज्य का प्रशासनिक ढांचा और मजबूत होगा।

BNT
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बिहार के पुलिस महकमे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने नए साल से पहले पुलिस प्रशासन में भारी फेरबदल करते हुए 22 आईपीएस (IPS) अधिकारियों को प्रमोशन का तोहफा दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन को अब डीजी (DG) रैंक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फैसले के बाद पुलिस विभाग के प्रशासनिक ढांचे में कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कुंदन कृष्णन को मिली बड़ी जिम्मेदारी

बिहार कैडर के 1994 बैच के तेजतर्रार अधिकारी कुंदन कृष्णन अब ADG से प्रमोट होकर पुलिस महानिदेशक DGP रैंक के अधिकारी बन गए हैं। उनकी यह नई रैंक 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। आपको बता दें कि कुंदन कृष्णन फिलहाल केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जैसे ही वे अपना नया पदभार संभालेंगे, उनकी यह रैंक पूरी तरह मान्य हो जाएगी। बिहार में एडीजी के रूप में उनके पिछले कार्यकाल को काफी सराहा गया है।

2012 बैच के 22 अफसर बने डीआईजी

सिर्फ बड़े रैंक ही नहीं, बल्कि 2012 बैच के 22 आईपीएस अधिकारियों के लिए भी यह बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने इन सभी को DIG के पद पर प्रोन्नत कर दिया है। प्रमोशन पाने वालों में अवकाश कुमार, आनंद कुमार, कुमार आशीष, रवि रंजन कुमार, दीपक रंजन, इमामुल हक मेंगनू, आमिर जावेद, अशोक कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, राजीव रंजन-1 और राकेश कुमार सिन्हा जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा अजय कुमार पांडेय, नीरज कुमार सिंह, सुशांत कुमार सरोज और रमन कुमार चौधरी समेत अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी मिली है।

प्रशासनिक सुधार और फील्ड ऑपरेशन में आएगी तेजी

सरकार के इस फैसले को पुलिस विभाग में अनुभव और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों की इस नई फौज से फील्ड लेवल पर मॉनिटरिंग और प्रशासनिक निर्णयों में काफी तेजी आएगी। जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में प्रमोशन मिलने से अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, जिसका सीधा असर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और जनता की समस्याओं के समाधान पर दिखेगा।

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