बिहार में जिंदा पार्षद को कागजों में मार डाला, अब हाथ में 'मैं जिंदा हूं' की तख्ती लेकर घूम रहीं शीला देवी

बिहार के गया में सिस्टम की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ वार्ड पार्षद शीला देवी को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। पेंशन रुकने पर उन्हें इस बात का पता चला। अब वह खुद को जिंदा साबित करने के लिए हाथ में तख्ती लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।

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BNT Desk: गयाजी में सिस्टम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ की एक महिला पार्षद, जो खुद लोगों के जन्म-मृत्यु सर्टिफिकेट बनाती हैं, उन्हें ही प्रशासन ने मृत घोषित कर दिया है। अब वह खुद को जीवित साबित करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

बिहार के गया जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ वार्ड नंबर 34 की पार्षद शीला देवी को सरकारी कागजों में ‘मृत’ घोषित कर दिया गया है। जिस महिला के पास पूरे वार्ड के लोगों के जिंदा या मृत होने की पुष्टि करने की जिम्मेदारी है, आज वह खुद को जिंदा साबित करने के लिए मजबूर हैं। शीला देवी अपने गले में “मैं जिंदा हूं” की तख्ती लटकाकर घूम रही हैं ताकि सोए हुए प्रशासन को जगा सकें।

पेंशन रुकने पर खुली पोल

शीला देवी ने बताया कि उनके पति की मौत के बाद उन्हें पिछले 18 सालों से विधवा पेंशन मिल रही थी। नवंबर 2025 तक उनके खाते में पैसे आए, लेकिन उसके बाद अचानक पेंशन रुक गई। जब वह इसकी जानकारी लेने और केवाईसी (KYC) कराने वसुधा केंद्र पहुंचीं, तो वहां के कर्मचारियों ने बताया कि रिकॉर्ड में उन्हें मृत दिखाया गया है। यह सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई कि आखिर बिना किसी जांच के उन्हें मरा हुआ कैसे मान लिया गया।

सिस्टम की लापरवाही पर भड़कीं पार्षद

शीला देवी अब अपने घर और सरकारी दफ्तरों के बाहर तख्ती लेकर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने गुस्से में कहा, “जो लोग ऑफिस में बैठकर बिना जांच किए किसी भी जीवित इंसान को मृत घोषित कर देते हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने मांग की है कि प्रशासन अपनी इस बड़ी गलती को तुरंत सुधारे और उनकी रुकी हुई पेंशन फिर से शुरू की जाए।

खुद को जिंदा साबित करने की जंग

हैरानी की बात यह है कि एक जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड पार्षद का कहना है कि अगर एक पार्षद के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम जनता का क्या हाल होता होगा। फिलहाल, यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की इस कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।

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