बिहार विधानसभा में बजट सत्र बना सियासी अखाड़ा; नीतीश–तेजस्वी की तीखी जुबानी जंग ने खींचा ध्यान

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस हुई। नीतीश ने तेजस्वी को "बच्चा" कहते हुए विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए पैसे के स्रोत पर सवाल उठाए। वहीं, तेजस्वी ने गिरती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को "लापरवाह" और "मदहोश" करार दिया।

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BNT Desk: बिहार विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच जबरदस्त नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री ने तेजस्वी पर हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार और विधायकों की खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप लगाए, वहीं तेजस्वी ने सरकार को कानून व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर घेरा।

नीतीश का तीखा हमला: “पैसे कहाँ से लाए?”

सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी गुस्से में नजर आए। उन्होंने तेजस्वी यादव को टोकते हुए कहा, “चुपचाप बैठकर मेरी बातें सुनो। 6 विधायकों को खींचने के लिए पैसे कहाँ से लाए थे? तुम लोग गड़बड़ करते थे, इसलिए हमने तुम्हारा साथ छोड़ दिया।” नीतीश कुमार यहीं नहीं रुके, उन्होंने तेजस्वी को बच्चा बताते हुए कहा कि वह उनके पिता (लालू यादव) के जमाने के नेता हैं और तेजस्वी को उन्होंने ही बनाया है।

तेजस्वी का पलटवार: “बीजेपी की शर्तों पर सुल्तान नहीं बनना”

मुख्यमंत्री के आरोपों पर तेजस्वी यादव ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। उन्होंने सदन में कहा कि सरकार उनकी बनाई योजनाओं और वादों की नकल कर रही है। तेजस्वी ने तीखा तंज कसते हुए कहा, “मुझे भाजपा का साथ लेकर सरताज नहीं बनना, मैं फकीर ही ठीक हूँ। आज आपका वक्त है, कल मेरा दौर आएगा।” तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में लोकतंत्र अब ‘गन तंत्र’ बन चुका है और सरकार अपराधियों पर लगाम कसने में नाकाम है।

विकास और रोजगार पर छिड़ी जंग

नीतीश कुमार ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उनके राज में हिंदू-मुस्लिम झगड़े कम हुए हैं और 2018 तक हर घर बिजली पहुँचा दी गई है। उन्होंने अगले 5 साल में 1 करोड़ नौकरी और रोजगार देने का वादा भी दोहराया। दूसरी तरफ, तेजस्वी ने राज्य को विशेष दर्जा दिलाने की मांग उठाई और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की साड़ी पर कमेंट करते हुए कहा कि जब बिहार में चुनाव था तब उन्होंने मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी पहनी थी, लेकिन अब तमिलनाडु में चुनाव है तो वहां की साड़ी पहन रही हैं।

सदन के बाहर भी प्रदर्शन

सदन के अंदर जहाँ शब्दों के बाण चल रहे थे, वहीं सदन के बाहर विपक्ष के विधायकों ने NEET छात्रा के साथ हुई घटना और बढ़ते अपराध को लेकर जमकर नारेबाजी की। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें दूसरों को उपदेश देने के बजाय अपने घर की बेटियों की इज्जत करना सीखना चाहिए। इस पूरी बहस ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत और भी गर्माने वाली है।

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