बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट 2026: छोटे शहर चमके, बेटियां दमकीं — गांव की बेटियों ने रचा इतिहास, टॉप-5 में 26 में से 20 छात्राएं

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बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का रिजल्ट आ गया है और इस बार का नतीजा पूरे बिहार के लिए गर्व का पल लेकर आया है। इस बार की सबसे बड़ी और सबसे खूबसूरत खबर यह है कि बिहार की बेटियों ने कमाल कर दिखाया है। तीनों संकाय के टॉप-5 में कुल 26 बच्चों में से 20 छात्राएं हैं। यानी इस बार बिहार की बेटियां न सिर्फ पढ़ीं, बल्कि पूरे प्रदेश पर छा गईं।


गांव और छोटे शहरों की बेटियों ने मारी बाजी

इस रिजल्ट की सबसे दिल को छूने वाली बात यह है कि इस बार के ज्यादातर टॉपर बड़े शहरों के महंगे कोचिंग सेंटरों से नहीं, बल्कि गांव और जिले के साधारण स्कूलों से निकले हैं। समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन ने 481 अंक (96.20%) के साथ टॉप किया। उन्होंने बताया कि रोज 8 घंटे पढ़ाई की, राइटिंग स्किल पर फोकस रखा और डॉक्टर बनने का सपना लेकर चले।

पटना के संत जोसेफ स्कूल की अदिति कुमारी ने 480 अंक (96%) के साथ आर्ट्स में टॉप किया। वहीं गया के यशवंत इंटर कॉलेज की नीतू कुमारी ने 479 अंक के साथ शानदार प्रदर्शन किया।


पास प्रतिशत में जबरदस्त उछाल

इस बार बिहार बोर्ड का पास प्रतिशत 85.19% रहा जो पिछले 10 सालों में सबसे अधिक है। एक नजर में देखें तो —

साल पास % फेल %
2019 79.76% 20.24%
2022 80.15% 19.85%
2025 86.56% 13.44%
2026 85.19% 14.81%

कुल 5,78,611 छात्राएं और 5,32,486 छात्र पास हुए। 13.04 लाख परीक्षार्थियों में से 11.11 लाख सफल रहे — यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।


बेटियां 2 से 5 प्रतिशत आगे — जेंडर गैप स्थिर

बिहार बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 10 सालों से लगातार छात्राएं छात्रों से 2 से 5 प्रतिशत अधिक पास हो रही हैं। 2024 में 88.84% छात्राएं पास हुईं। 2025 में यह आंकड़ा 87.5% रहा और 2026 में 86.23% छात्राएं पास हुई हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि बिहार की बेटियां शिक्षा को लेकर पहले से कहीं ज्यादा गंभीर और मेहनती हो रही हैं।


कोचिंग नहीं, लगन से मिली सफलता

इस बार के रिजल्ट में एक और बड़ी बात सामने आई है। कई टॉपर छात्रों ने बताया कि उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान के, सिर्फ स्कूल की पढ़ाई और खुद की मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। यह उन लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा है जो सोचते हैं कि बिना महंगी कोचिंग के सफलता नहीं मिल सकती।


सिमुलतला का दबदबा खत्म — नए जिले आगे

एक समय था जब टॉपर लिस्ट पर सिमुलतला आवासीय विद्यालय का एकछत्र राज हुआ करता था। लेकिन इस बार तस्वीर बदल गई है। अब पटना, नालंदा, भोजपुर और पश्चिम चंपारण जैसे जिले मजबूती से उभर रहे हैं। साथ ही सीतामढ़ी, मधुबनी, सहरसा और दरभंगा जैसे जिले भी टॉपर्स दे रहे हैं।


बिहार का संदेश — शिक्षा का केंद्र बनता बिहार

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि मैट्रिक का रिजल्ट एक सप्ताह में जारी किया जाएगा। इस रिजल्ट के जरिए साफ है कि बिहार में शिक्षा का स्तर लगातार सुधर रहा है और आने वाले सालों में यह और बेहतर होगा।


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