BNT Desk: बिहार में खाद की किल्लत और कथित कालाबाजारी को लेकर अब सियासी जंग तेज हो गई है। हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक वीडियो जारी कर नीतीश सरकार और कृषि मंत्री रामकृपाल यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजद का दावा है कि बिहार-नेपाल सीमा पर पुलिस की मौजूदगी में धड़ल्ले से खाद की तस्करी की जा रही है। इस पर पलटवार करते हुए कृषि मंत्री ने राजद को ही ‘भ्रष्टाचारी’ बताते हुए इस्तीफे तक की चुनौती दे दी है।
राजद का वीडियो और मिलीभगत का दावा
विपक्ष (RJD) ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें खाद की बोरियों को सीमा पार ले जाते दिखाया गया है। राजद का आरोप है कि बिहार के किसानों के हक की खाद बेरोकटोक नेपाल भेजी जा रही है। उन्होंने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि इस तस्करी में भाजपा-नीतीश सरकार, कृषि मंत्री और स्थानीय पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मिले हुए हैं। राजद के मुताबिक, शासन की नाक के नीचे किसानों के साथ यह बड़ा धोखा हो रहा है।
कृषि मंत्री का करारा जवाब: ‘साबित करो तो दे दूंगा इस्तीफा’
इन आरोपों पर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने तल्ख तेवर अपनाए हैं। उन्होंने राजद पर तंज कसते हुए कहा कि यह वही ‘चोर मचाए शोर’ वाली बात है। मंत्री ने कहा, “राजद खुद भ्रष्टाचार में डूबी पार्टी है, इसलिए उन्हें सब जगह वैसा ही दिखता है।” उन्होंने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर राजद यह साबित कर दे कि तस्करी उनके संरक्षण में हो रही है, तो वह तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। मंत्री ने साफ किया कि मुख्यमंत्री ने उन पर भरोसा जताया है और वह अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा रहे हैं।
एक्शन में विभाग: 86 FIR और छापेमारी तेज
आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए मंत्री ने बताया कि विभाग खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं, जिसके बाद अब तक 86 अलग-अलग जगहों पर गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। रामकृपाल यादव ने कहा कि छापेमारी का दौर जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
किसानों के लिए हेल्पलाइन और सख्त चेतावनी
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए एक ‘विशेष शिकायत सेल’ (हेल्पलाइन) का गठन किया है। मंत्री ने कहा कि यदि कोई दुकानदार तय कीमत से ज्यादा पैसे मांगता है या खाद की जमाखोरी करता है, तो किसान तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। दोषी पाए जाने पर दुकानदार का लाइसेंस रद्द होगा और उन पर आपराधिक मुकदमा भी चलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि खाद का एक-एक दाना केवल बिहार के किसानों तक ही पहुंचे।