BNT Desk: बिहार के मनेर क्षेत्र में अवैध बालू खनन और तस्करी के खिलाफ जिलाधिकारी (डीएम) ने कड़ा रुख अपनाया। रविवार को मनेर के सोन नदी के किनारे डीएम की अगुवाई में कार्रवाई की गई। इस दौरान नदी में अवैध रूप से चल रही तीन नावों को जब्त किया गया। अधिकारीयों ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ के तहत की गई है, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की चोरी और तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
अवैध खनन और तस्करी का खुलासा
जांच के दौरान यह पाया गया कि कई लोग बिना अनुमति बालू खनन कर रहे थे और इसे तस्करी के माध्यम से बेच रहे थे। डीएम ने मौके पर कहा कि अवैध बालू खनन से नदी के जल स्तर, पारिस्थितिकी और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर असर पड़ता है। अधिकारीयों ने बताया कि जिन नावों को जब्त किया गया है, उनमें खनन के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी पाए गए।
स्थानीय प्रशासन की चेतावनी
डीएम ने साफ कहा कि अब अवैध बालू खनन और तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे नदी किनारे लगातार निगरानी रखें। साथ ही जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कानून के पालन के लिए गंभीर है।
संभावित प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस कार्रवाई से मनेर और आसपास के इलाकों में अवैध खनन और तस्करी करने वालों में डर और सतर्कता बढ़ी है। डीएम ने आगे कहा कि नियमित निरीक्षण जारी रहेगा और किसी भी तरह के उल्लंघन को तुरंत रोका जाएगा। इसके अलावा संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सख्त निगरानी और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें।