BNT desk: आज सुबह बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते रह गया। कटिहार से दिल्ली जा रही चंपारण हमसफर एक्सप्रेस (15705) के सामने अचानक एक जंगली भैंसा आ गया। ट्रेन काफी तेज रफ्तार में थी, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ और सही समय पर लिए गए फैसले से एक बड़ी अनहोनी टल गई। इस घटना में सभी यात्री सुरक्षित हैं, हालांकि ट्रेन और ट्रैक को काफी समय तक रोकना पड़ा।
ड्राइवर की सूझबूझ से बची सैकड़ों जानें
यह घटना सुबह करीब 7:30 बजे की है। वाल्मीकिनगर रोड और पनियहवा स्टेशन के बीच मदनपुर जंगल के पास जैसे ही भैंसा पटरी पर आया, चालक ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। अचानक ब्रेक लगने से ट्रेन के भीतर यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अगर ड्राइवर ने तुरंत ब्रेक न लगाए होते तो ट्रेन पटरी से उतर (डिरेल) सकती थी।
ढाई घंटे तक थमी रही ट्रेनों की रफ्तार
टक्कर इतनी जोरदार थी कि जंगली भैंसे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद हमसफर एक्सप्रेस करीब 2 घंटे 30 मिनट तक ट्रैक पर ही खड़ी रही। घटना की सूचना मिलते ही वाल्मीकिनगर रोड के स्टेशन मास्टर पी.एन. पाण्डेय और आरपीएफ प्रभारी इंद्रजीत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रेल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक को साफ कराया। सुरक्षा की पूरी जांच करने के बाद ही ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
टाइगर रिजर्व इलाके में पहले भी हुए हैं हादसे
आपको बता दें कि यह रेलखंड वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगलों के बीच से गुजरता है। वन क्षेत्र से सटे होने के कारण यहाँ अक्सर जंगली जानवर पटरी पर आ जाते हैं। इससे पहले भी इस मार्ग पर बाघ, मगरमच्छ और गैंडे जैसे कई जानवर ट्रेनों की चपेट में आ चुके हैं। रेलवे ने इस ताजा हादसे के बाद ट्रैक की निगरानी और बढ़ा दी है ताकि भविष्य में बेजुबान जानवरों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।