बिहार में बढ़ते अपराध पर सियासत तेज़: भाई बीरेंद्र ने कानून-व्यवस्था को बताया फेल, बोले— राज्य में अब सिर्फ 'हत्या पर हत्या' होगी

राजद विधायक भाई बीरेंद्र ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल पदों की अदला-बदली में व्यस्त है और आम जनता असुरक्षित है। बीरेंद्र ने आरोप लगाया कि एनडीए के लोग इनामी अपराधियों को बचा रहे हैं, जिससे प्रदेश में अपराध बेलगाम हो गया है।

BNT
By
3 Min Read

BNT Desk: बिहार की राजनीति में जुबानी जंग और कानून-व्यवस्था को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राजद (RJD) के कद्दावर नेता और विधायक भाई बीरेंद्र ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनके बयानों ने सियासी गलियारे में हलचल पैदा कर दी है।

भाई बीरेंद्र का सरकार पर हमला: “बिहार में सिर्फ हत्याओं का दौर”

राजद विधायक भाई बीरेंद्र ने बिहार की वर्तमान कानून-व्यवस्था पर गहरा रोष प्रकट किया है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि राज्य में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब “हत्या पर हत्या” हो रही है। उनके अनुसार, प्रदेश में शासन-प्रशासन का इकबाल खत्म हो चुका है और अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

कुर्सी के खेल में उलझी सरकार

भाई बीरेंद्र ने एनडीए (NDA) सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग जनता की सुरक्षा के बजाय केवल पदों की अदला-बदली में व्यस्त हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि किसका मुख्यमंत्री होगा और किसका गृह मंत्री। आपसी खींचतान और कुर्सी बचाने के चक्कर में आम जनता की जान-माल की रक्षा को हाशिए पर धकेल दिया गया है।

आम जनता और जनप्रतिनिधि असुरक्षित

विधायक ने राज्य की भयावह स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि आज बिहार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, “हम लोग (जनप्रतिनिधि) खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं, तो आम आदमी की क्या बिसात?” उनके अनुसार, बिहार का हर नागरिक आज डर के साये में जीने को मजबूर है क्योंकि सरकार जान-माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रही है।

अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप

भाई बीरेंद्र ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में इनामी अपराधियों को एनडीए के नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता पक्ष के लोग कुख्यात अपराधियों को अपने साथ लेकर चल रहे हैं और उन्हें पुलिसिया कार्रवाई से बचा रहे हैं। जब रक्षक ही भक्षक के साथ खड़े हों, तो न्याय की उम्मीद बेमानी हो जाती है।

Share This Article