बेतिया में हाईटेक मटकोर: जेसीबी से हुई रस्म, गांव में बनी चर्चा का केंद्र

बिहार के बेतिया में एक शादी की 'मटकोर' रस्म चर्चा का विषय बन गई। मझौलिया प्रखंड में पारंपरिक गीतों के बीच महिलाओं ने फावड़े के बजाय JCB मशीन से मिट्टी खोदकर रस्म पूरी की। परंपरा और आधुनिक तकनीक का यह अनोखा मेल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

BNT
By
3 Min Read

BNT Desk: बिहार के बेतिया जिले में एक शादी की रस्म ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मझौलिया प्रखंड के हरिपकड़ी नया टोला गांव में आयोजित एक मटकोर समारोह इस बार बिल्कुल अलग अंदाज में हुआ। परंपरागत तरीके से होने वाली इस रस्म में आधुनिक तकनीक की एंट्री ने पूरे इलाके में इसे चर्चा का विषय बना दिया।

परंपरा में आधुनिकता का संगम

आमतौर पर मटकोर की रस्म में महिलाएं मंगलगीत गाते हुए पारंपरिक तरीके से मिट्टी खोदती हैं। लेकिन इस बार नजारा कुछ और ही था। भाजपा अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष कमल मुखिया के पुत्र शिवम कुमार की शादी में मटकोर के लिए दो जेसीबी मशीनें मंगाई गईं। दूल्हे के दोस्त और परिवार की महिलाओं, जिनमें बुआ प्रभावती देवी और लीलावती देवी शामिल थीं, ने जेसीबी के जरिए मिट्टी उठवाकर रस्म पूरी कराई। जैसे ही मशीन ने जमीन से मिट्टी उठाई, वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गीतों के बीच मशीन से मटकोर का दृश्य लोगों के लिए बिल्कुल नया अनुभव था।

गांव में उमड़ी भीड़, सोशल मीडिया पर वायरल

इस अनोखे आयोजन को देखने के लिए गांव के लोग बड़ी संख्या में जुटे। युवाओं ने पूरे कार्यक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा किया। देखते ही देखते यह हाईटेक मटकोर आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों ने इसे बदलते समय की मिसाल बताया। कई लोगों ने कहा कि यह परंपरा को नए अंदाज में निभाने की कोशिश है। कुछ बुजुर्गों ने इसे अलग और रोचक प्रयोग बताया, तो युवाओं ने इसे मजेदार और यादगार पल करार दिया।

दूल्हे और परिवार की प्रतिक्रिया

दूल्हे शिवम कुमार ने कहा कि वह चाहते थे कि उनकी शादी कुछ खास और अलग अंदाज में हो, ताकि लोग इसे लंबे समय तक याद रखें। वहीं दूल्हे की मां ने बताया कि परिवार ने परंपरा को निभाते हुए उसे थोड़ा आधुनिक रूप देने का प्रयास किया है।

लंबे समय तक याद रहेगा यह मटकोर

कुल मिलाकर, हरिपकड़ी नया टोला में हुआ यह हाईटेक मटकोर समारोह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। परंपरा और तकनीक के इस अनोखे मेल ने यह दिखा दिया कि बदलते समय के साथ रस्में भी नए रंग में ढल सकती हैं। यह शादी निश्चित रूप से गांव के लोगों की यादों में लंबे समय तक बनी रहेगी।

Share This Article