पटना में Ayushman Bharat Yojana में बड़ा फर्जीवाड़ा: एवर्स हॉस्पिटल सस्पेंड, हर्निया के नाम पर कर दी गर्भाशय की सर्जरी; जांच रिपोर्ट भी निकली जाली

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पटना में Ayushman Bharat Yojana में बड़ा फर्जीवाड़ा: एवर्स हॉस्पिटल सस्पेंड, हर्निया के नाम पर कर दी गर्भाशय की सर्जरी; जांच रिपोर्ट भी निकली जाली

बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, सिविल सर्जन की जांच में खुलासा — फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किया गया क्लेम


पटना, 18 मार्च। आयुष्मान भारत योजना में पटना के एक निजी अस्पताल की ऐसी चौंकाने वाली लापरवाही और धोखाधड़ी सामने आई है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को हिला कर रख दिया है। बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति ने जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद एवर्स हॉस्पिटल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामला इतना गंभीर है कि एक महिला मरीज के साथ इलाज के नाम पर जो हुआ, वह किसी को भी हैरान कर देगा।

हर्निया के नाम पर कर दी गर्भाशय की सर्जरी

जांच में खुलासा हुआ कि अस्पताल ने एक महिला मरीज के इलाज के लिए आयुष्मान योजना के तहत चीरास्थल हर्निया का पैकेज बुक किया। लेकिन असल में मरीज की गर्भाशय निकालने यानी हिस्टेरेक्टॉमी की सर्जरी कर दी गई। यानी योजना में एक बीमारी का क्लेम और मरीज पर किया कुछ और। यह न केवल आयुष्मान योजना के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि एक महिला मरीज की जिंदगी के साथ खिलवाड़ भी है।

मरीज का पहले का कोई रिकॉर्ड नहीं था

इस मामले में सबसे गंभीर और चौंकाने वाली बात यह रही कि चीरास्थल हर्निया आमतौर पर पहले किसी ऑपरेशन के बाद ही होता है। लेकिन जांच में पाया गया कि उस महिला मरीज का पहले कभी किसी सर्जरी का कोई रिकॉर्ड ही मौजूद नहीं था। इसके बावजूद अस्पताल ने इस पैकेज के तहत क्लेम कर दिया। इससे साफ है कि पूरी योजना पहले से सोची-समझी थी और मरीज को महज एक जरिया बनाया गया।

अल्ट्रासाउंड समेत तमाम जांच रिपोर्ट निकलीं जाली

फर्जीवाड़े की परतें यहीं नहीं रुकीं। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल ने अल्ट्रासाउंड समेत कई अन्य मेडिकल जांच रिपोर्टें भी जाली बनाईं। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आयुष्मान भारत योजना में क्लेम फाइल किया गया। यह सरकारी योजना के साथ सुनियोजित और संगठित धोखाधड़ी का मामला है जो गरीब और जरूरतमंद मरीजों के हक पर सीधा डाका डालता है।

सिविल सर्जन की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

सिविल सर्जन की जांच रिपोर्ट सामने आते ही बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति ने बिना देरी किए एवर्स हॉस्पिटल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। समिति ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना में पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अस्पताल द्वारा योजना के साथ किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ पूरी सख्ती से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गरीबों के इलाज की योजना में सेंध

आयुष्मान भारत योजना देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए बनाई गई है। लेकिन इस तरह के फर्जीवाड़े न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि उन मरीजों के साथ भी गंभीर अन्याय करते हैं जिन्हें सच में इलाज की जरूरत है। बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति की इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि अब ऐसे अस्पतालों पर नकेल कसी जाएगी जो सरकारी योजनाओं को अपनी कमाई का जरिया बनाते हैं।

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