BNT Desk: बिहार की राजनीति में इन दिनों कांग्रेस विधायकों की नाराजगी और पार्टी में टूट की खबरें काफी चर्चा में हैं। इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी में किसी भी तरह की टूट की बात महज एक कोरी अफवाह है। अखिलेश सिंह ने एनडीए नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सिर्फ सुर्खियों में बने रहने का एक तरीका है।
‘छपास की बीमारी’ से पीड़ित हैं विरोधी नेता
मीडिया से बात करते हुए अखिलेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस में टूट की खबरें नई नहीं हैं। साल 2015, 2020 और अब 2025 के चुनावों को लेकर भी ऐसी ही बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने एनडीए नेताओं, खास तौर पर एलजेपी (रामविलास) के मंत्री संजय सिंह के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि कुछ नेताओं को ‘छपास की बीमारी’ (अखबारों में छपने का शौक) हो गई है। वे केवल चर्चा में रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। किसी के चाहने भर से कांग्रेस जैसी मजबूत पार्टी में दरार नहीं आने वाली।
चूड़ा-दही भोज में विधायकों की अनुपस्थिति पर सफाई
हाल ही में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘चूड़ा-दही भोज’ में विधायकों के न पहुंचने पर उठ रहे सवालों का भी उन्होंने बखूबी जवाब दिया। अखिलेश सिंह ने कहा, “हमारे विधायक वाल्मीकि नगर और किशनगंज जैसे दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, जो पटना से 200-300 किलोमीटर दूर हैं। सिर्फ चूड़ा-दही खाने के लिए इतनी दूर से आना सबके लिए मुमकिन नहीं होता।” उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायकों की अनुपस्थिति को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखना बिल्कुल गलत और बेबुनियाद है।
सीएलपी लीडर का चुनाव और नीतीश की यात्रा पर तंज
पार्टी में विधायक दल के नेता के चुनाव में हो रही देरी पर उन्होंने आश्वासन दिया कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ पर तंज कसते हुए अखिलेश सिंह ने कहा कि बिहार आज भी प्रति व्यक्ति आय में देश का सबसे पिछड़ा राज्य है। उन्होंने कहा कि बिहार को सच में समृद्ध बनाने के लिए जमीन पर काम करने की जरूरत है, सिर्फ यात्राएं निकालने और घूमने से विकास नहीं होगा।