बिहार के गानों से डरे अखिलेश! बोले- ‘मेरा मत बता देना’

अखिलेश यादव ने SIR को वोट का अधिकार छीनने की साज़िश बताया। साथ ही, उन्होंने कलाकारों से अपील की कि वे बिहार RJD जैसे गाने न बनाएँ और मीडिया से गुजारिश की कि उन गानों को सपा से न जोड़ें।

BNT
By
3 Min Read

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर दावा किया कि SIR की आड़ में लोगों के वोट डालने के अधिकार को छीनने की साजिश रची जा रही है। अखिलेश यादव ने इसे ‘सोची समझी साजिश और रणनीति’ करार देते हुए कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के दिए हुए संविधान के तहत हमें जो वोट का अधिकार मिला है, उसे छीनने की तैयारी हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरीके से आरक्षण और लोगों की पहचान छीनने की कोशिश की जाएगी।

बिहार के गानों का ज़िक्र

अपने आरोपों के बीच अखिलेश यादव ने बिहार चुनाव के दौरान RJD (राष्ट्रीय जनता दल) के लिए बने गानों का भी ज़िक्र किया और खुद को भविष्य में होने वाली ऐसी किसी भी स्थिति से सावधान किया। उन्होंने कलाकारों से खास अपील करते हुए कहा, “मैं कलाकार साथियों से कहूंगा- बिहार में RJD के लिए जैसे गाने बने, वैसे गाने मत बना देना।” इसके साथ ही, उन्होंने मीडिया के साथियों से भी गुजारिश की कि “कोई कैसा भी गाना बनाए, उसे हमारा मत बता देना।”

RJD ने गायकों को भेजा था नोटिस

गौरतलब है कि बिहार चुनाव में RJD को मिली हार के पीछे इन्हीं रंगबाजी वाले गानों को एक बड़ी वजह बताया गया था। चुनाव के बाद RJD ने इन गानों को पार्टी की छवि खराब करने वाला बताते हुए 32 गायकों को नोटिस भी भेजा था। पार्टी ने इन गीतों को ‘सामाजिक न्याय को बदनाम करने की साजिश’ बताया था और चेतावनी दी थी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन गायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश यादव की यह टिप्पणी दर्शाती है कि वह बिहार में हुई इस घटना से सबक लेते हुए, खुद को और अपनी पार्टी को किसी भी संभावित विवादित मनोरंजन सामग्री से दूर रखना चाहते हैं।

Share This Article