BNT Desk: बिहार के पश्चिमी चंपारण से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। चनपटिया के महनाकुली बढ़ईटोला में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई और घंटों तक शव श्मशान घाट पर ही रखा रहा। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया।
धुएं को लेकर हुआ सारा झगड़ा
पूरा मामला 80 वर्षीय कलावती देवी के अंतिम संस्कार से जुड़ा है। जब परिजन शव लेकर श्मशान पहुंचे, तो स्थानीय निवासियों ने उन्हें रोक दिया। विरोध करने वालों का कहना था कि श्मशान के पास ही उनके घर हैं और शव जलने से निकलने वाला धुआं उनके घरों में घुसता है, जिससे उन्हें सांस लेने और रहने में दिक्कत होती है। वहीं, दूसरा पक्ष इस बात पर अड़ा था कि यह पुश्तैनी श्मशान घाट है और सरकार ने इसकी बाउंड्री भी करवाई है, इसलिए वे शव यहीं जलाएंगे।
विधायक और अधिकारियों की सूझबूझ से सुलझा मामला
हालात बिगड़ते देख चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन और सदर एसडीपीओ विवेक दीप मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक चली लंबी बातचीत और पुलिस के समझाने के बाद स्थानीय लोग शांत हुए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परंपरा के अनुसार शव वहीं जलेगा। प्रशासन की मौजूदगी में आखिरकार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो सकी। पुलिस ने साफ कर दिया कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
बाधा डालने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सदर एसडीएम विकास कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि जिन लोगों ने शव जलाने में रुकावट डाली और माहौल खराब करने की कोशिश की, उन पर धारा 107 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। एसडीएम ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई परेशानी है, तो वे सीधे प्रशासन से शिकायत करें, लेकिन इस तरह का विवाद कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।