मुजफ्फरपुर में 17 हजार सोलर लाइटें, विकास की नई रोशनी

बिहार में विकास योजनाएं अब जमीन पर उतर रही हैं। मुजफ्फरपुर में तीसरे चरण के तहत 17 हजार से अधिक सोलर लाइट लगेंगी। तीन महीने में काम पूरा होगा। खराब लाइट 72 घंटे में ठीक करनी होगी। लापरवाही पर एजेंसियों पर जुर्माना लगेगा।

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BNT Desk: बिहार में विकास की योजनाएं अब कागजों से निकलकर जमीन पर दिखने लगी हैं। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर जिले में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की बड़ी योजना शुरू की गई है। तीसरे चरण के तहत जिले में 17 हजार से ज्यादा सोलर लाइट लगाने का फैसला लिया गया है। इस योजना का मकसद गांव और शहर, दोनों जगहों पर बेहतर रोशनी की व्यवस्था करना है।

तीन महीने में पूरा होगा काम

प्रशासन ने इस योजना को समय पर पूरा करने के लिए साफ लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों के अनुसार, सोलर लाइट लगाने का काम तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इससे सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर अंधेरा कम होगा और लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी।

खराब लाइट की 72 घंटे में मरम्मत अनिवार्य

इस योजना की सबसे खास बात जवाबदेही है। अगर कोई सोलर लाइट खराब होती है, तो उसे 72 घंटे यानी तीन दिन के अंदर ठीक करना जरूरी होगा। इसके लिए संबंधित एजेंसी को जिम्मेदार बनाया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि लाइट खराब होने के बाद लंबे समय तक बंद न रहे।

हर खंभे पर शिकायत के लिए नंबर

लोगों की सुविधा के लिए हर सोलर लाइट के खंभे पर एजेंसी का फोन नंबर लिखा जाएगा। अगर लाइट खराब हो या कोई समस्या हो, तो आम लोग सीधे शिकायत कर सकेंगे। इससे शिकायत प्रक्रिया आसान होगी और समस्या का समाधान जल्दी हो सकेगा।

सुरक्षा और विकास को मिलेगा बढ़ावा

सोलर लाइट लगने से रात के समय सड़कें और मोहल्ले सुरक्षित होंगे। चोरी, दुर्घटना और असामाजिक गतिविधियों में भी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही यह योजना पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि सोलर ऊर्जा साफ और सस्ती है।

विकास का नया मॉडल

प्रशासन की सख्ती, समय सीमा और साफ जिम्मेदारी के साथ यह योजना सिर्फ रोशनी तक सीमित नहीं है। यह बिहार में विकास और बेहतर प्रशासन का एक नया मॉडल बनकर सामने आ रही है।

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