रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर: 10 से 28 अप्रैल के बीच रद्द रहेगी गोरखपुर-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, जानें कौन से दिन नहीं चलेगी ट्रेन

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। रेलवे ने परिचालन कारणों का हवाला देते हुए गोरखपुर-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस के फेरों में कटौती करने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर, मोकामा में गंगा नदी पर बन रहे नए रेल पुल को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जो जल्द ही यात्रियों के सफर को सुगम बनाने जा रहा है।

गोरखपुर-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस: 28 अप्रैल तक आंशिक रूप से रद्द

उत्तर पूर्व रेलवे (NER) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, गाड़ी संख्या 15080/15079 गोरखपुर-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस का परिचालन आगामी 10 अप्रैल से 28 अप्रैल 2026 के बीच आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा।

  • कौन से दिन नहीं चलेगी ट्रेन: यह ट्रेन इस अवधि के दौरान हर मंगलवार और शुक्रवार को रद्द रहेगी।

  • कितने दिनों का असर: 18 दिनों के इस अंतराल में कुछ चुनिंदा दिनों के लिए सेवाएं स्थगित रहेंगी।

  • प्रमुख स्टेशन: यह ट्रेन गोरखपुर से पाटलिपुत्र के बीच नयागांव, दिघवारा, मशरक और गोपालगंज जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरती है।

रेलवे अधिकारियों ने दैनिक यात्रियों और नियमित यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की वर्तमान स्थिति (Status) जरूर जांच लें। रेलवे ने यात्रियों को होने वाली इस अस्थायी असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।

मोकामा का नया रेल पुल: जून में शुरू होने की उम्मीद

बिहार के रेल बुनियादी ढांचे के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि करीब है। मोकामा में मौजूदा राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे नए रेल पुल का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह पुल जून 2026 तक पूरी तरह से क्रियाशील (Operational) हो जाएगा।

निर्माण की वर्तमान स्थिति: वर्तमान में पुल को पटना-झाझा मुख्य लाइन (Main Line) से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। यह लिंकिंग कार्य पूरा होते ही रेल परिचालन का ट्रायल शुरू किया जा सकेगा।

नए पुल की खासियतें और फायदे

यह नया पुल न केवल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी को कम करेगा, बल्कि राज्य के परिवहन तंत्र को एक नई मजबूती प्रदान करेगा। इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  1. आधुनिक इंजीनियरिंग: इस पुल का निर्माण अत्याधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग करके किया गया है, जिससे इसकी उम्र और सुरक्षा क्षमता बढ़ गई है।

  2. हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए तैयार: यह ढांचा वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों के भार और गति को सहन करने में सक्षम है।

  3. कनेक्टिविटी में सुधार: वर्तमान राजेंद्र सेतु पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव को यह नया पुल कम करेगा, जिससे ट्रेनों की लेट-लतीफी में कमी आएगी।

  4. आर्थिक विकास: उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच माल ढुलाई और यात्रियों का आवागमन आसान होने से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

यात्रियों के लिए सुझाव

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि गोरखपुर-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस निर्धारित दिनों को छोड़कर शेष दिनों में अपने सामान्य समय सारिणी के अनुसार चलती रहेगी। हालांकि, मोकामा रूट पर चल रहे लिंकिंग कार्य के कारण अन्य कुछ ट्रेनों के समय में भी मामूली बदलाव हो सकते हैं। यात्रियों को ‘नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम’ (NTES) या रेलवे के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग करने का सुझाव दिया गया है।

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