BNT Desk: बिहार सरकार जल्द ही पुरानी गाड़ियों को कबाड़ (स्क्रैप) करने के लिए एक नई और बेहतर नीति लाने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में प्रदूषण कम करना और वाहन मालिकों को ज़्यादा से ज़्यादा फायदा पहुँचाना है। परिवहन विभाग फिलहाल पड़ोसी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश और झारखंड की पॉलिसियों का अध्ययन कर रहा है, ताकि बिहार के लोगों को उनसे भी बेहतर सुविधाएं दी जा सकें।
क्यों पड़ रही है नई नीति की ज़रूरत?
दरअसल, बिहार में अभी भी 25 लाख से ज़्यादा गाड़ियाँ ऐसी हैं जो 15 साल से पुरानी हैं, लेकिन इनमें से अब तक 2000 गाड़ियों का भी स्क्रैप नहीं हो पाया है। वर्तमान में बिहार के गाड़ी मालिक अपनी पुरानी गाड़ियों को यहाँ स्क्रैप कराने के बजाय झारखंड और उत्तर प्रदेश ले जा रहे हैं। वहाँ गाड़ी कबाड़ में देने पर उन्हें नई गाड़ी खरीदने में ज़्यादा छूट मिल रही है, जिससे बिहार सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसी को देखते हुए अब सरकार नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी में है।
नई नीति में क्या-क्या मिल सकती है राहत?
नई स्क्रैप पॉलिसी में सरकार कई आकर्षक ऑफर देने पर विचार कर रही है। इसमें सबसे खास बात यह है कि अगर आप पुरानी गाड़ी कबाड़ में देकर नई इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बैटरी वाली गाड़ी खरीदते हैं, तो आपको टैक्स और रजिस्ट्रेशन में 100% की छूट मिल सकती है। इसके अलावा, पुरानी गाड़ी पर बकाया टैक्स और जुर्माने को भी पूरी तरह माफ किया जा सकता है। निजी गाड़ी मालिकों को उनकी पुरानी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन सिर्फ 5 साल के लिए बढ़ाने की सुविधा भी मिल सकती है।
कैसे करा सकेंगे अपनी गाड़ी को स्क्रैप
गाड़ी स्क्रैप कराने की प्रक्रिया को भी काफी आसान बनाया गया है। वाहन मालिकों को सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बिहार में इसके लिए 20 स्क्रैप सेंटर खोलने की मंजूरी दे दी गई है। स्क्रैप कराने के बाद आपको एक ‘सर्टिफिकेट’ मिलेगा, जिसे दिखाकर आप नई गाड़ी खरीदते समय भारी डिस्काउंट का दावा कर सकेंगे। वर्तमान नीति 31 मार्च 2026 तक लागू है, लेकिन नई नीति आने के बाद लोगों को और भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।