BNT Desk: बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar की समृद्धि यात्रा 18 मार्च को जमुई पहुंची, जहां लछुआड़ में उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर मौजूद नेताओं की ओर इशारा करते हुए उनके कार्यों की सराहना की और कहा कि आगे भी इसी तरह विकास कार्य जारी रहेंगे। सभा के अंत में वे उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary की ओर बढ़े, उनके कंधे पर हाथ रखा और सम्राट चौधरी ने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए Lalu Prasad Yadav पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद जब से एनडीए सरकार बनी, तब से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि पहले लोग शाम होते ही घर से निकलने में डरते थे, जगह-जगह विवाद होते थे और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार आने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार हुआ है और अब राज्य में भय का माहौल नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान एक दिलचस्प क्षण भी साझा किया, जब कुछ महिलाएं कार्यक्रम से उठकर जाने लगीं। इस पर उन्होंने मंच से ही कहा, “काहे भाग रही हो, तुम्हारे लिए ही काम हो रहा है, बैठो और सुनो।” उनके इस अंदाज ने सभा में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए कब्रिस्तानों और मंदिरों की घेराबंदी करवाई, जिससे विवादों में कमी आई। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नए मेडिकल कॉलेज खोले गए, अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई गई और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की गई। गांवों को सड़कों से जोड़ने और पुल-पुलियों के निर्माण से आवागमन भी आसान हुआ है।
उन्होंने “जंगलराज” का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि पहले के शासन में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी। महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चिंता थी और आम लोगों की सुनवाई नहीं होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सिर्फ कुछ खास लोगों को ही फायदा पहुंचाया गया, जबकि आम जनता उपेक्षित रही।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में बिजली की स्थिति खराब थी, लेकिन अब गांव-गांव तक बिजली पहुंच चुकी है और लोगों को मुफ्त बिजली का लाभ दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात कही और बताया कि सरकार लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का काम कर रही है।
युवाओं के रोजगार को लेकर उन्होंने कहा कि अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया जा चुका है और आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की भी सराहना की और कहा कि केंद्र सरकार से बिहार को पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे राज्य में तेजी से विकास हो रहा है।
सभा से पहले मुख्यमंत्री ने 900 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम में महिलाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखकर मुख्यमंत्री कुछ देर रुके और कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए तालियां भी बजाईं। साथ ही उन्होंने कुंडघाट जलाशय योजना का उद्घाटन भी किया।
लछुआड़ स्थित भगवान महावीर की जन्मस्थली एक बार फिर चर्चा में है। लगभग 2600 वर्ष पुरानी इस पवित्र स्थल से जुड़ी कई विकास योजनाएं लंबे समय से लंबित हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे से इन परियोजनाओं के पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है। उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार इससे पहले भी कई बार लछुआड़ का दौरा कर चुके हैं, जिससे इस क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकता साफ झलकती है।