राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव एक बार फिर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के निशाने पर आ गए हैं। इस बार, यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव से पहले शपथ ग्रहण की तारीख खुद तय करने से जुड़ा है, जिस पर ललन सिंह ने लोकसभा के अंदर बिना नाम लिए बड़ा हमला बोला है। उन्होंने तेजस्वी यादव को घेरते हुए कहा कि उनके एक सहयोगी ने तो पूरी तारीख ही घोषित कर दी थी कि वह राजभवन जाकर शपथ लेंगे।
संसद में कांग्रेस पर चुटकी, फिर तेजस्वी पर वार
लोकसभा में SIR पर बहस के दौरान, ललन सिंह ने पहले कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले आप 27 से 19 और अब 6 पर आ गए। अगर यही हाल रहा तो शून्य पर आ जाएंगे। इसके बाद, उन्होंने अपनी बात को बिहार के मुख्य विपक्षी दल के नेता की तरफ मोड़ा, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया।
स्वघोषित मुख्यमंत्री और सीटों का गणित
ललन सिंह ने कहा कि इनके एक सहयोगी थे, जिन्होंने खुद को ‘स्वघोषित मुख्यमंत्री’ बना दिया था और शपथ ग्रहण के लिए तारीख तक बता दी थी। लेकिन, उनका हश्र क्या हुआ? वह 79 सीटों से सीधे 25 सीटों पर आ गए। उन्होंने आगे जोड़ा कि उस नेता ने एसआईआर के विरोध में पदयात्रा भी की थी, पर जिस-जिस ज़िले में वह गए, वहाँ उनकी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई।
‘नेतागिरी भूल गए’, पहले भी साधा था निशाना
यह पहली बार नहीं है जब ललन सिंह ने इस मुद्दे पर तेजस्वी यादव को घेरा है। कुछ समय पहले भी, जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा था कि जो नेता अपनी शपथ ग्रहण की तारीख खुद तय कर लेते हैं, वह नेतागिरी भूल जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा था कि जनता ने भ्रम फैलाने वालों को पूरी तरह से समेट दिया है। यह दिखाता है कि बिहार की राजनीति में शपथ की तारीख तय करने का यह मामला अब भी एक बड़ा और चुभने वाला राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।