BNT Desk: राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान आज एक बार फिर भाईचारे और अकीदत का गवाह बना। ईद-उल-फितर के मुकद्दस मौके पर हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने एक साथ सफों में खड़े होकर खुदा की इबादत की और मुल्क की सलामती की दुआ मांगी। हालांकि, इस साल की ईद कुछ मायनों में बेहद खास और चर्चा का विषय रही, क्योंकि दशकों पुरानी एक परंपरा में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
दशकों बाद पहली बार: गांधी मैदान में नहीं दिखे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बिहार की सियासत और सामाजिक ताने-बाने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक खास पहचान रही है। हर साल ईद के मौके पर नीतीश कुमार गांधी मैदान जरूर पहुंचते थे, जहां वे नमाजियों से गले मिलते थे और उन्हें टोपी पहनाकर ईद की मुबारकबाद देते थे। लेकिन पहली बार ऐसा हुआ कि सीएम नीतीश कुमार इस सामूहिक नमाज के दौरान गांधी मैदान में उपस्थित नहीं रहे। उनकी अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि, सरकारी स्तर पर उनकी व्यस्तता या स्वास्थ्य को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लोगों के लिए यह एक चौंकाने वाला पल था।
नमाजियों के बीच पहुंचे सीएम के बेटे निशांत कुमार
मुख्यमंत्री की कमी को पूरा करने के लिए उनके बेटे निशांत कुमार गांधी मैदान पहुंचे। निशांत कुमार, जो आमतौर पर राजनीति और सार्वजनिक चकाचौंध से दूर रहना पसंद करते हैं, आज पूरी तरह से एक अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने गांधी मैदान में मौजूद हजारों नमाजियों के बीच जाकर उन्हें ईद की बधाई दी।
निशांत ने न केवल लोगों से मुलाकात की, बल्कि बिहार की गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश भी दिया। उनकी सादगी ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। जानकारों का मानना है कि निशांत का इस तरह सार्वजनिक मंच पर आगे आना एक बड़े संकेत की ओर इशारा कर रहा है।
निशांत कुमार का संदेश: “बिहार की खुशहाली की कामना”
मीडिया से बातचीत के दौरान निशांत कुमार ने बेहद संक्षिप्त लेकिन प्रभावी बात कही। उन्होंने कहा, “आज खुशी का दिन है। मैं सभी बिहार वासियों को ईद की तहे दिल से मुबारकबाद देता हूँ। अल्लाह से दुआ है कि हमारे राज्य में प्यार, अमन और भाईचारा हमेशा बना रहे।” निशांत का यह कदम जेडीयू समर्थकों के लिए काफी उत्साहजनक रहा, जो उन्हें भविष्य के नेतृत्व के रूप में देख रहे हैं।
मंत्री अशोक चौधरी ने दी सफाई
नमाज के बाद बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री और नीतीश कुमार के बेहद करीबी अशोक चौधरी ने भी जनता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति पर उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने मोर्चा संभाला।
सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम
गांधी मैदान में सामूहिक नमाज को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी और सीसीटीवी कैमरों से पूरी निगरानी रखी जा रही थी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा और सेवइयों के साथ खुशियां बांटीं।
परंपरा और बदलाव का मेल
नीतीश कुमार का न आना और निशांत कुमार का सामने आना—यह इस साल की ईद की सबसे बड़ी सुर्खी बन गई है। जहां एक तरफ गांधी मैदान में इबादत का वही पुराना जोश था, वहीं दूसरी तरफ बिहार की सत्ता के शीर्ष परिवार में एक नए चेहरे की सक्रियता ने भविष्य की राजनीति के प्रति उत्सुकता बढ़ा दी है।
राजनीतिक हलचल भी तेज
सीएम नीतीश कुमार की गैरमौजूदगी और निशांत कुमार की सक्रियता को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे आने वाले समय की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि, जदयू की ओर से इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन यह घटना राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।