सोनपुर पहुंचे सांसद पप्पू यादव: बिट्टू सिंह के परिजनों से की मुलाकात, बिहार सरकार पर साधा तीखा निशाना और छात्राओं के लिए किया बड़ा ऐलान

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BNT Desk: बिहार की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी और ‘ग्राउंड जीरो’ पर सक्रियता के लिए मशहूर पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रदेश में बढ़ते अपराध और प्रशासनिक शिथिलता के बीच पप्पू यादव रविवार को सोनपुर पहुंचे। यहाँ उन्होंने न केवल अपराध का शिकार हुए एक युवक के परिजनों का दर्द बांटा, बल्कि नीतीश सरकार की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।

बिट्टू सिंह के परिजनों से मुलाकात: छलका दर्द

दरअसल, पप्पू यादव सोनपुर के रहने वाले बिट्टू सिंह के घर पहुंचे थे। आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले पटना के दानापुर इलाके में बिट्टू सिंह की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने राजधानी समेत पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान पप्पू यादव भावुक नजर आए और उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया।

सांसद ने इस घटना को बिहार के लचर सिस्टम का जीता-जागता उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।

“बिहार का कोई माई-बाप नहीं”: सरकार पर बरसे सांसद

मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पप्पू यादव ने राज्य सरकार और कानून व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा, “बिहार में आज अराजकता का माहौल है। किसी को नहीं पता कि सरकार में कौन है और सरकार चला कौन रहा है? सच तो यह है कि आज के समय में बिहार का कोई ‘माई-बाप’ नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। सिस्टम इतना फेल हो चुका है कि किसकी बेटी कब और कहाँ अपराधियों का शिकार हो जाए, इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ के दावों को खोखला बताते हुए कहा कि कागजों पर चलने वाली सरकार जमीन पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है।

छात्राओं के लिए बड़ा ऐलान: ‘मुफ्त गैस सिलेंडर’ का वादा

सियासी हमले के बीच पप्पू यादव ने एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक दांव भी खेला। पटना में पढ़ाई कर रही छात्राओं की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। पप्पू यादव ने कहा कि पटना के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राओं को उनकी ओर से मुफ्त में गैस सिलेंडर मुहैया कराया जाएगा।

उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया कि छात्राएं दूर-दराज के गांवों से आकर शहर में कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करती हैं। उन्हें महंगाई और संसाधन की कमी के कारण दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसलिए यह कदम उठाया गया है। इस ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या पप्पू यादव छात्र राजनीति और युवाओं के बीच अपनी पैठ और मजबूत करना चाहते हैं।

“सिर्फ लाइन लगवाना जानती है सरकार”

पप्पू यादव ने केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सरकारों की प्राथमिकता जनता की सेवा करना नहीं, बल्कि उन्हें कतारों में खड़ा करना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कोरोना काल में लोगों को ऑक्सीजन और अस्पताल के लिए लाइन में लगाया गया, नोटबंदी में पैसों के लिए लाइन लगी और अब किचन से लेकर गैस के लिए लोग लाइन में खड़े हैं। बिहार को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल आयोजनों और विज्ञापनों में व्यस्त है, जबकि आम आदमी दाने-दाने और सुरक्षा के लिए तरस रहा है।

बढ़ते अपराध और भविष्य की राजनीति

सोनपुर का यह दौरा और पप्पू यादव के तल्ख तेवर बताते हैं कि वे आने वाले समय में बिहार की राजनीति में एक बड़े विपक्ष की भूमिका निभाने की तैयारी में हैं। निर्दलीय सांसद होने के बावजूद वे जिस तरह से हर अपराध और जनहित के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं, उससे सत्ता पक्ष की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

बिट्टू सिंह हत्याकांड में न्याय की मांग और छात्राओं के लिए मुफ्त गैस का वादा—इन दो पहलुओं के जरिए पप्पू यादव ने ‘न्याय’ और ‘कल्याण’ दोनों मोर्चों पर खुद को मजबूती से पेश किया है। अब देखना यह होगा कि सरकार पप्पू यादव के इन आरोपों और वादों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

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