BNT Desk: बिहार की सियासत में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—निशांत कुमार। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने हाल ही में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की सक्रिय सदस्यता ग्रहण की है। राजनीति की मुख्यधारा में आने के बाद पहली बार वे अपने पैतृक शहर बख्तियारपुर पहुंचे। उनके इस दौरे को लेकर न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल है, बल्कि स्थानीय जनता के बीच भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
पैतृक आवास पर पूजा और स्थानीय लोगों से संवाद
बख्तियारपुर पहुंचने पर निशांत कुमार सबसे पहले अपने पैतृक घर गए। यहाँ उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने पूर्वजों का आशीर्वाद लिया। एक साधारण परिवेश में पले-बढ़े निशांत जब अपने मोहल्ले में पहुंचे, तो उन्हें देखने और मिलने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
निशांत ने स्थानीय लोगों और अपने पुराने परिचितों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की। उन्होंने लोगों की कुशलक्षेम जानी और उनके स्नेह के लिए आभार प्रकट किया। समर्थकों ने फूलों की बारिश और नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया, जिससे साफ झलकता है कि बख्तियारपुर की जनता अपने ‘बेटे’ के राजनीतिक उदय को लेकर कितनी उत्साहित है।
सीढ़ी घाट पर गंगा महाआरती का भव्य शुभारंभ
दौरे का सबसे मुख्य आकर्षण बख्तियारपुर का प्रसिद्ध सीढ़ी घाट रहा। यहाँ आयोजित भव्य ‘गंगा महाआरती’ में निशांत कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शाम ढलते ही पूरा घाट दीपों की रोशनी से जगमगा उठा और शंखनाद के साथ भक्तिमय माहौल बन गया।
हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निशांत कुमार ने मां गंगा की आरती उतारी। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि अब बनारस की तर्ज पर हर बुधवार को बख्तियारपुर के सीढ़ी घाट पर नियमित रूप से गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा। निशांत ने स्वयं इस परंपरा का विधिवत शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है।
पिता नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना
गंगा आरती के बाद सभा को संबोधित करते हुए निशांत कुमार ने अपने पिता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बिहार ने पिछले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है, वह काबिले तारीफ है। उन्होंने समाज के हर वर्ग के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और लोगों से बिहार को और आगे ले जाने में सहयोग मांगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रशासनिक मुस्तैदी
निशांत कुमार के आगमन और घाट पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। सुरक्षा के मद्देनजर सड़क मार्ग से लेकर गंगा घाट तक पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारी खुद कमान संभाले हुए थे। घाट पर बैरिकेडिंग और गोताखोरों की भी व्यवस्था की गई थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बिहार दिवस की शुभकामनाएं और जनता का आभार
मीडिया से मुखातिब होते हुए निशांत कुमार ने सभी प्रदेशवासियों को बिहार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “गंगा आरती में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की श्रद्धा और भागीदारी देखकर मेरा मन गदगद है। मैं बख्तियारपुर की जनता के प्यार का ऋणी हूँ।”
निशांत का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ जहाँ उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़ने की कोशिश की, वहीं दूसरी तरफ गंगा आरती जैसे आयोजनों के जरिए उन्होंने सॉफ्ट हिंदुत्व और सांस्कृतिक विकास का संदेश भी दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशांत कुमार आने वाले समय में जदयू के एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभर सकते हैं।