पटना: उपमुख्यमंत्री के आवास पर एक घंटे तक चला मंथन, सम्राट चौधरी से मिलने पहुंचे ललन सिंह और संजय झा

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BNT Desk: बिहार की सियासत इस वक्त उस मोड़ पर है जहाँ हर मुलाकात के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। राजधानी पटना में बैठकों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को सत्ता के गलियारों में हलचल तब और तेज हो गई जब जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दो सबसे कद्दावर नेता, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर पहुंचे। 5 देशरत्न मार्ग स्थित इस आवास पर हुई एक घंटे की लंबी मुलाकात ने राज्य में संभावित बड़े बदलावों की सुगबुगाहट को और हवा दे दी है।

पहले संजय झा के घर रणनीति, फिर सम्राट के यहाँ दस्तक

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत बेहद योजनाबद्ध तरीके से हुई। सम्राट चौधरी के आवास पर पहुंचने से पहले संजय झा और ललन सिंह के बीच संजय झा के निजी आवास पर एक गोपनीय बैठक हुई। जानकारों का मानना है कि जेडीयू के इन दोनों दिग्गजों ने पहले अपनी पार्टी के रुख और आगामी रणनीति पर चर्चा की। इस प्रारंभिक बैठक के तुरंत बाद दोनों नेता सीधे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर पहुंचे, जो यह दर्शाता है कि गठबंधन के भीतर किसी बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे पर आम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।

एक घंटे का ‘मंथन’: बंद कमरे में क्या हुई बात?

5 देशरत्न मार्ग पर हुई यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। बंद कमरे में हुई इस चर्चा के दौरान बाहर सुरक्षा और मीडिया का भारी जमावड़ा रहा। हालांकि, बैठक के बाद बाहर निकले नेताओं ने मीडिया से औपचारिक बात नहीं की, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस “एक घंटे के मंथन” को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं।

माना जा रहा है कि इस बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा हुई हो सकती है:

  • मंत्रिमंडल का विस्तार या फेरबदल: राज्य में नई सरकार के गठन के बाद विभागों के बंटवारे और नए चेहरों को शामिल करने पर चर्चा।

  • आगामी चुनावों की रणनीति: 2025 के विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए (NDA) के भीतर सीट शेयरिंग और जमीनी तालमेल।

  • प्रशासनिक फैसले: राज्य में चल रहे बड़े विकास कार्यों और प्रशासनिक नियुक्तियों पर दोनों दलों के बीच सामंजस्य।

सत्ता के समीकरण और ‘ऑल इज वेल’ का संदेश

बिहार में जब भी जेडीयू और बीजेपी के शीर्ष नेता इस तरह अचानक मिलते हैं, तो विपक्षी खेमे में हलचल शुरू हो जाती है। इस मुलाकात को ‘ऑल इज वेल’ का संदेश देने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। ललन सिंह और संजय झा, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं, उनका सम्राट चौधरी से मिलना यह संकेत देता है कि गठबंधन के भीतर संवाद की प्रक्रिया काफी मजबूत है।

5 देशरत्न मार्ग: सियासी केंद्र बना उपमुख्यमंत्री का आवास

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आवास पिछले कुछ दिनों से बिहार की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। बीजेपी विधायक दल के नेता होने के नाते सम्राट चौधरी के कंधों पर अपनी पार्टी और गठबंधन सहयोगियों के बीच तालमेल बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। संजय झा और ललन सिंह जैसे कद्दावर नेताओं का यहाँ आना यह साबित करता है कि आने वाले दिनों में बिहार सरकार कुछ बड़े और चौंकाने वाले फैसले ले सकती है।

क्या यह बड़े तूफान से पहले की शांति है?

बिहार की राजनीति में कुछ भी अकारण नहीं होता। एक घंटे की यह त्रिपक्षीय बैठक महज एक शिष्टाचार मुलाकात नहीं हो सकती। जिस तरह से जेडीयू के नेता पहले आपस में मिले और फिर बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के पास पहुंचे, उससे साफ है कि पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी है, बस उसका सार्वजनिक होना बाकी है। 48 घंटे के भीतर बिहार की राजनीति में जो बड़े बदलाव होने की उम्मीद है, यह बैठक उसी की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।

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