बिहार की राजनीति में एक बड़ी और अहम खबर आई है। मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक Anant Singh को पटना हाईकोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत दे दी है। काफी समय से बेऊर जेल में बंद ‘छोटे सरकार’ अब जल्द ही आजाद हवा में सांस लेंगे। अदालत के इस फैसले के बाद शुक्रवार या शनिवार तक उनके जेल से बाहर आने की पूरी संभावना है। जमानत की खबर मिलते ही मोकामा और आसपास के इलाकों में उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और रिहाई के भव्य स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। यह मामला उस वक्त राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील बन गया था क्योंकि चुनाव के ऐन बीच इस हत्या ने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा था। पुलिस ने जांच के बाद अनंत सिंह को इस मामले में आरोपी बनाया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तब से वे पटना के बेऊर जेल में बंद थे। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार पटना हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत मंजूर की है।
यह पहली बार नहीं है जब अनंत सिंह को किसी बड़े मामले में जमानत मिली हो। इससे पहले यूएपीए मामले में भी उन्हें जमानत मिल चुकी है। अब दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
जेल में रहकर भी जीता चुनाव
बिहार की राजनीति में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह मोकामा से पांचवीं बार विधायक बने हैं। खास बात यह है कि उन्होंने यह चुनाव जेल में रहते हुए जेडीयू की टिकट पर लड़ा और बड़े अंतर से जीत हासिल की। जेल में बंद होने के बावजूद उनकी जीत यह साबित करती है कि मोकामा और पड़ोसी इलाकों में उनका जनाधार आज भी बेहद मजबूत है। वे बिहार के सबसे चर्चित, ताकतवर और विवादास्पद नेताओं में गिने जाते हैं।
समर्थकों में जश्न, भव्य स्वागत की तैयारी
जमानत की खबर आते ही मोकामा की सड़कों पर जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों ने एक-दूसरे को बधाई दी और मिठाइयां बांटी। जेल से रिहाई के बाद अनंत सिंह के भव्य स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि ‘छोटे सरकार’ की वापसी मोकामा के लिए एक नई शुरुआत होगी।
बिहार की राजनीति पर क्या होगा असर?
अनंत सिंह की जेल से रिहाई बिहार की राजनीति में कई मायनों में बेहद अहम मानी जा रही है। एनडीए और महागठबंधन दोनों खेमों की निगाहें इस पर टिकी हैं। मोकामा और पाटलिपुत्र क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण में उनकी वापसी से बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा सोनू गैंग से चल रहे विवाद के बीच उनकी रिहाई और भी अहम हो जाती है। हाल ही में सोनू ने एक वायरल वीडियो में अनंत सिंह को सीधी चुनौती दी थी और उनके समर्थक को जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसे में अनंत सिंह के जेल से बाहर आने के बाद इस मोर्चे पर भी हलचल तेज होने की उम्मीद है। बिहार पुलिस और प्रशासन की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है।