“पैसे से दबाया गया NEET केस” और “नाम से नहीं बनते गांधी” — तेज प्रताप के दो बड़े बयान

तेज प्रताप यादव ने नीट परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए सत्ताधारी नेताओं के बेटों की संलिप्तता का दावा किया है। साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी की जीवनशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ नाम में 'गांधी' लगा लेने से कोई गांधीवादी नहीं बन जाता।

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BNT Desk: बिहार सरकार के पूर्व राजद मंत्री और JJD नेता तेज प्रताप यादव ने नीट (NEET) छात्रा हत्या केस के विवाद को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनकी पीड़ित परिवार से बातचीत हुई है और इस पूरे मामले को जानबूझकर दबाया जा रहा है। तेज प्रताप ने सीधा आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे कुछ रसूखदार नेताओं के बेटे इस धांधली में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपयों का लेन-देन कर सच को छिपाने की कोशिश की गई है।

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

तेज प्रताप यादव ने सरकार से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, चाहे वह कितना भी बड़ा आदमी क्यों न हो। उन्होंने साफ किया कि पैसे के दम पर केस को दबाने की कोशिश अब नहीं चलेगी और वह इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे।

राहुल गांधी पर तीखा हमला: ‘सिर्फ सरनेम से कोई गांधी नहीं बनता’

वहीं, दूसरी तरफ तेज प्रताप यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। मनरेगा का नाम बदले जाने पर राहुल गांधी द्वारा सरकार को ‘गांधी विरोधी’ बताने पर उन्होंने पलटवार किया। तेज प्रताप ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को गांधी जी के अपमान की इतनी चिंता क्यों है? उन्होंने कहा कि खाली नाम में गांधी लगा लेने से कोई गांधी नहीं बन जाता और न ही बाबा बन सकता है।

जीवनशैली पर उठाए सवाल: ‘गांधी जी बुलेट नहीं चलाते थे’

राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए तेज प्रताप ने कहा कि गांधी जी की विचारधारा उनके रहन-सहन में नहीं दिखती। उन्होंने तंज कसा, “राहुल खुद तो बुलेट चलाते हैं और जींस-शर्ट पहनते हैं, क्या गांधी जी बुलेट पर घूमते थे? गांधी जी तो सादगी के प्रतीक थे और खादी पहनते थे।” तेज प्रताप के इस बयान ने अब राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।

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