BNT Desk: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक बार फिर बम धमाके की गूंज सुनाई दी है। इस बार निशाना बना है शहर-ए-नाव इलाके में स्थित एक मशहूर चीनी रेस्तरां। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इस हमले में अब तक एक चीनी नागरिक समेत 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और चैरिटी संस्थाओं का दावा है कि मरने वालों की संख्या 20 से भी ज्यादा हो सकती है।
उइगुर मुसलमानों का बदला बना हमले की वजह
हैरानी की बात यह है कि पहली बार इस्लामिक स्टेट ने सीधे तौर पर चीन को निशाना बनाया है। अपनी न्यूज एजेंसी ‘आमाक’ के जरिए संगठन ने दावा किया है कि चीन में उइगुर मुसलमानों पर जो अत्याचार हो रहे हैं, यह हमला उसी का बदला है। ISIS का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर चीनी रेस्तरां को इसलिए चुना ताकि वहां मौजूद चीनी नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके। उनके दावे के मुताबिक, इस हमले में तालिबान के कई कमांडर भी मारे गए हैं, हालांकि तालिबान सरकार ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
तालिबान की चुप्पी और चीन की बढ़ती चिंता
इस धमाके के बाद तालिबान प्रशासन फिलहाल जांच की बात कह रहा है। तालिबान के गृह मंत्री मुफ्ती अब्दुल मतीन कानी का कहना है कि मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है। बता दें कि 2021 में जब से तालिबान सत्ता में आया है, दुनिया के ज्यादातर देशों ने अफगानिस्तान से मुंह मोड़ लिया था। लेकिन चीन अकेला ऐसा देश है जिसके कई बड़े प्रोजेक्ट्स वहां आज भी चल रहे हैं। अब ISIS के इस सीधे हमले ने चीन की रातों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि अफगानिस्तान में उनके कई नागरिक और निवेश दांव पर लगे हैं।
रेस्तरां के किचन में हुआ धमाका, हर तरफ मची चीख-पुकार
पुलिस प्रवक्ता खालिद जदरान के अनुसार, यह रेस्तरां एक अफगानी नागरिक और एक चीनी दंपति मिलकर चला रहे थे। धमाका रेस्तरां के किचन में हुआ, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, उनके दो नागरिक बुरी तरह घायल हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। यह हमला न केवल चीन के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अफगानिस्तान में अब विदेशी नागरिकों की सुरक्षा एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई है।