भारत अंडर-19 विश्व कप में बांग्लादेश से भिड़ने को तैयार, जीत का सिलसिला बरकरार रखने की चुनौती

अंडर-19 वर्ल्ड कप में अमेरिका को हराने के बाद भारतीय टीम शनिवार को बांग्लादेश से भिड़ेगी। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में टीम इंडिया अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी। वहीं, शानदार गेंदबाजी और अनुभवी बल्लेबाजों से सजी बांग्लादेश की टीम भारत को कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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BNT Desk: आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत करने वाली पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम अब अपने दूसरे बड़े मुकाबले के लिए तैयार है। शनिवार को बुलावायो में भारत का सामना बांग्लादेश से होगा। पहले मैच में अमेरिका को 107 रनों पर ढेर कर 6 विकेट से जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम इस समय जबरदस्त फॉर्म में है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली इस टीम की नजरें अब बांग्लादेश को हराकर टूर्नामेंट में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखने पर होंगी। यह मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1:00 बजे शुरू होगा।

टीम इंडिया की मजबूती और पिछले मैच का जलवा

भारतीय टीम ने अपने पहले मैच में गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में कमाल दिखाया है। पिछले मैच के हीरो रहे तेज गेंदबाज हेनिल पटेल ने महज 16 रन देकर 5 विकेट झटके थे, जिनसे एक बार फिर घातक स्पेल की उम्मीद है। बल्लेबाजी की बात करें तो कप्तान आयुष म्हात्रे और 14 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की सलामी जोड़ी टीम को तेज शुरुआत देने के लिए तैयार है। उनके साथ मिडिल ऑर्डर में उप-कप्तान विहान मल्होत्रा और ऑलराउंडर आरोन जॉर्ज टीम की बल्लेबाजी को मजबूती देंगे। टीम इंडिया का पिछला रिकॉर्ड भी शानदार रहा है, जहां उन्होंने पिछले 17 मैचों में से 14 में जीत हासिल की है।

बांग्लादेश की चुनौती को हल्के में नहीं ले सकते

भले ही भारत इस मैच में प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगा, लेकिन बांग्लादेश की टीम उलटफेर करने में माहिर मानी जाती है। बांग्लादेश की कमान अनुभवी अजीजुल हकीम के हाथों में है। उनकी टीम में जावद अबरार और कलाम सिद्दीकी जैसे खिलाड़ी हैं जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बांग्लादेश का गेंदबाजी आक्रमण भी काफी मजबूत है, जिसमें इकबाल हुसैन और अल फहद जैसे तेज गेंदबाज शामिल हैं। इन दोनों ने पिछले विश्व कप के बाद से क्रमशः 45 और 43 विकेट चटकाए हैं, जो भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

पिच और परिस्थितियों का फायदा

यह मुकाबला ज़िम्बाब्वे की पिचों पर खेला जा रहा है, जहाँ की परिस्थितियाँ तेज गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाती हैं। भारतीय खेमे में डी दीपेश और किशन कुमार सिंह जैसे अच्छे विकल्प मौजूद हैं, वहीं स्पिन विभाग की जिम्मेदारी कनिष्क चौहान और मोहम्मद एनान जैसे खिलाड़ियों के कंधों पर है। भारतीय टीम ने पिछले एक साल में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीमों को उनके घर में हराया है, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि शनिवार को एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

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