BNT Desk: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के विकास पदाधिकारी भावेश कुमार सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उन पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है। इसके तहत पटना और गोपालगंज में कुल 6 ठिकानों पर सुबह 9 बजे एक साथ छापेमारी शुरू हुई। प्रारंभिक जांच में ही उनकी आय से लगभग 60 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है।
पटना में पूछताछ और सर्च ऑपरेशन
छापेमारी के दौरान पटना में भावेश कुमार सिंह मौजूद थे। EOU की टीम ने उन्हें एक कमरे में बैठाकर पूछताछ की और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। उनके पटना के फ्लैट (पुष्पक रेसिडेंसी) और अगमकुआं में G+5 भवन में दस्तावेज और अन्य संपत्तियों की जांच की जा रही है।
राइस मिल और पेट्रोल पंप से जब्ती
बिहटा स्थित जय माता दी राइस मिल से टीम ने ₹40 लाख नकद बरामद किए। इसके अलावा, पटना स्थित आवास से भी कैश, ज्वेलरी, महंगी घड़ियां और जमीन के महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए। गोपालगंज में उनके पैतृक आवास के अलावा उनके नाम पर भवना पेट्रोलियम पेट्रोल पंप को भी सील कर दिया गया है।
गोपालगंज में पैतृक आवास और बैंक कार्यालय की जांच
गोपालगंज में उनके पैतृक निवास और पाटलिपुत्रा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक स्थित कार्यालय समेत अन्य संपत्तियों की गहन जांच की जा रही है। EOU टीम ने तलाशी के दौरान अलमारी और बेड के अंदर रखे बैगों से भी महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए।
जांच जारी, अवैध संपत्ति का आकलन
अधिकारियों ने जब्त किए गए दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों की पूरी तफ्तीश शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य भावेश कुमार सिंह की कुल अवैध संपत्ति का सही आकलन करना है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।