मोरक्को में बड़ा हादसा: दो इमारतें ढहीं, 19 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मोरक्को के फेज शहर में दो चार मंज़िला पुरानी रिहायशी इमारतें अचानक ढह गईं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 लोग घायल हैं। ये इमारतें जर्जर थीं और लंबे समय से उपेक्षित थीं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

BNT
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मोरक्को के ऐतिहासिक शहर फेज (Fez) के अल-मुस्तक़बल मोहल्ले में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा हुआ। यहां दो चार मंज़िला पुरानी रिहायशी इमारतें अचानक ढह गईं। इस दर्दनाक घटना में मलबे में दबकर कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। बताया जा रहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

आठ परिवारों का घर और अनदेखी के लक्षण

रिपोर्ट के मुताबिक, जो इमारतें गिरी हैं, वे आठ परिवारों का घर थीं। ये इमारतें लंबे समय से जर्जर हालत में थीं और इनमें मरम्मत न होने और उपेक्षा के साफ़ लक्षण दिखाई दे रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स की शुरुआती जांच में पता चला है कि इमारतों में दरारें और ढांचागत कमजोरियां थीं, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस मामले में संरचनात्मक लापरवाही (structural negligence) और अधिकारियों को मिली चेतावनियों की अनदेखी की जांच पर ख़ास ध्यान दिया जाएगा।

शहर के लिए तनावपूर्ण दौर

यह त्रासदी फेज शहर के लिए एक बेहद तनावपूर्ण दौर में हुई है। आपको बता दें, मात्र दो महीने पहले ही खराब जीवन स्थितियों, बेरोज़गारी और घटिया सार्वजनिक सेवाओं के ख़िलाफ़ शहर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। युवाओं के नेतृत्व में शुरू हुए ये प्रदर्शन बाद में ग्रामीण इलाकों तक भी फैल गए और हिंसक झड़पों में बदल गए थे। ऐसे में इस हादसे ने शहर की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।

अधूरा विकास और बुनियादी ढांचे पर सवाल

जानकारों का कहना है कि मोरक्को की ज़्यादातर आर्थिक गतिविधियां उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में केंद्रित हैं। इसी वजह से फेज जैसे कई इलाकों में अपर्याप्त आवास, सीमित सेवाएं और असमान विकास जैसी गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं। हालांकि, सरकार 2030 फीफा विश्व कप (FIFA World Cup) की सह-मेज़बानी के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के उन्नयन का काम कर रही है और नए स्टेडियम भी बना रही है, लेकिन इस हादसे ने पुराने और जर्जर रिहायशी इमारतों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

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