बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Vidhan Sabha Election 2025) खत्म हो गया। नतीजे आ गए। BJP सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन इस जीत के पीछे एक और कहानी है। पैसे की कहानी। चुनाव आयोग को पार्टियाँ अपना खर्च बताती हैं। और जो रिपोर्ट सामने आई है… वो काफी दिलचस्प है।
BJP ने बिहार चुनाव में 146 करोड़ 71 लाख रुपये खर्च किए। सबसे ज्यादा। सबसे आगे। और इस पैसे का सबसे बड़ा हिस्सा गया कहाँ? प्रचार पर। स्टार कैंपेनर्स की यात्रा पर। विज्ञापन पर। अकेले गूगल इंडिया को BJP ने 14 करोड़ 27 लाख रुपये दिए। सिर्फ डिजिटल विज्ञापन के लिए। इसके अलावा अपने उम्मीदवारों को आर्थिक मदद के तौर पर करीब 30 करोड़ रुपये दिए।
अब एक और नजरिए से देखिए। BJP के पास चुनाव से पहले कुल 7235 करोड़ रुपये थे। और उन्होंने खर्च किए सिर्फ 146 करोड़। यानी अपनी कुल जमापूंजी का महज 2 फीसदी। 2 फीसदी में बिहार जीत लिया।
अब आते हैं कांग्रेस पर।
कांग्रेस ने 35 करोड़ 7 लाख रुपये खर्च किए। BJP से काफी कम। लेकिन असली बात ये है कि कांग्रेस के पास चुनाव से पहले कुल 124 करोड़ रुपये थे। और उन्होंने उसमें से 35 करोड़ खर्च कर दिए। यानी अपनी जमापूंजी का 28 फीसदी। लगभग एक तिहाई। कांग्रेस ने राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा पर भी पैसा लगाया। सोशल मीडिया कैंपेन पर 11 करोड़ से ज्यादा खर्च किए। तो एक तरफ BJP है जिसने जमापूंजी का 2 फीसदी लगाया। दूसरी तरफ कांग्रेस है जिसने 28 फीसदी झोंक दिया। नतीजा? BJP को 89 सीटें मिलीं। कांग्रेस को सिर्फ 6।
अब एक और दिलचस्प हिसाब लगाइए। एक विधायक जिताने में कितना पैसा लगा। BJP का एक विधायक पड़ा 1 करोड़ 64 लाख रुपये में। और कांग्रेस का एक विधायक पड़ा 5 करोड़ 83 लाख रुपये में। यानी कांग्रेस ने एक विधायक के लिए BJP से साढ़े तीन गुना ज्यादा खर्च किया। और फिर भी सिर्फ 6 सीटें।
और ये तो सिर्फ इस बार की बात हुई। 2020 के बिहार चुनाव में BJP ने सिर्फ 54 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस बार 146 करोड़। यानी तीन गुना से भी ज्यादा। कांग्रेस ने भी 2020 में 12 करोड़ खर्च किए थे। इस बार 35 करोड़। तीन गुना।
तो साफ है कि बिहार में चुनावी खर्च हर बार बढ़ रहा है। और ये सिर्फ इन्हीं दो पार्टियों की बात है। RJD और JDU का खर्च अभी चुनाव आयोग को मिला नहीं है। जब वो आंकड़े आएंगे… तो तस्वीर और भी बड़ी होगी।
लेकिन एक बात तो तय है। बिहार का चुनाव जीतना अब सिर्फ नारों और वादों का खेल नहीं रहा। पैसा लगता है। बहुत पैसा लगता है। और जिसकी जेब गहरी… उसका पलड़ा भारी।